विधानसभा में विपक्ष के नेता बी.एस. येड्डियूरप्पा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए किसानों का ऋण माफ करने के लिए केंद्र से सहायता मांग रहे हैं।
बेंगलूरु. विधानसभा में विपक्ष के नेता बी.एस. येड्डियूरप्पा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अपनी जिम्मेदारियों से बचने के लिए किसानों का ऋण माफ करने के लिए केंद्र से सहायता मांग रहे हैं।
येड्डियूरप्पा ने सोमवार को कहा कि यह अपनी जिम्मेदारियों को केन्द्र पर थोप कर केंद्र को ही दोषी ठहराने के प्रयास के अलावा कुछ नहीं है। कुमारस्वामी ने सत्ता में आने के 24 घंटों में किसानों का ऋण माफ करने का वादा किया था। लेकिन ऐसा करने में विफल रहे हैं।
येड्डियूरप्पा ने कहा कि भाजपा बजट सत्र तक प्रतीक्षा करेगी औेर यदि राज्य सरकार ने ऋण माफ करने के लिए कदम नहीं उठाए तो भाजपा राज्यव्यापी आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि अब पिता-पुत्र यह कहकर बचने की कोशिश कर रहे हैं कि वे गठबंधन सरकार के दबाव में हैं और स्वतंत्र रूप से कोई निर्णय नहीं कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि एक तरफ सिद्धरामय्या कह रहे हैं कि नया बजट नहीं चाहिए। दूसरी तरफ कांग्रेस में परमेश्वर व अन्य नेता कह रहे हैं कि नया बजट पेश होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऋण माफी के मसले पर कांग्रेस व जद-एस के ढुलमुल रवैये के कारण किसान त्रिशंकु की स्थिति में हैं।
येड्डियूरप्पा ने आरोप लगाया कि सिद्धरामय्या ने किसानों के सहकारी बैंकों से लिए 50 हजार रुपए तक के ऋण माफ करने की घोषणा की थी लेकिन बैंकों को धन नहीं दिया। इस वजह से किसानों को नए ऋण नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान संगठनों के नेताओं की बैठक बुलाते समय कुमारस्वामी ने 15 दिन में ऋण माफ करने की बात कही थी लेकिन एक महीना बीतने पर भी यह संभव नहीं हो पाया है।
ऋण माफी के लिए किसानों ने किया प्रदर्शन
मैसूरु. ऋण माफी की मांग को लेकर कर्नाटक राज्य रैयत संघ (केआरआरएस) और हसिरू सेने के कार्यकत्र्ताओं ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें पद संभाले १५ दिन से ज्यादा हो चुके हैं लेकिन अब तक किसानों की ऋण माफी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ऋण माफी में देरी कर रही है। कुमारस्वामी झूठे वादे कर रहे हैं और किसानों को धोखा दे रहे हैं।
किसानों ने मांग की कि बैंक से जारी कृषि ऋण के साथ ही किसानों को फसल ऋण भी माफ किया जाए। साथ ही ट्रैक्टर, टेलर और अन्य प्रकार के कृषि उपकरणों की खरीद पर सहित पशु पालन ऋण माफ होना चाहिए। किसानों ने हालिया बाढ़ के दौरान नंजनगुड़ में हुए फसल नुकसान के लिए प्रति एकड़ २० हजार रुपए मुआवजा जारी करने की मांग की।