कांग्रेस ने उपचुनाव में अपनी लोकप्रियता और सियासी ताकत साबित करते हुए तीनों विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज की। भाजपा और जद-एस गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। दोनों ही दल अपने ही गढ़ में अपनी सीटें नहीं बचा सके। दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे चुनाव हार गए।
बेंगलूरु. सत्तारुढ़ कांग्रेस ने उपचुनाव में अपनी लोकप्रियता और सियासी ताकत साबित करते हुए तीनों विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज की। भाजपा और जद-एस गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। दोनों ही दल अपने ही गढ़ में अपनी सीटें नहीं बचा सके। दो पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे चुनाव हार गए।
उपचुनाव में सबसे हॉट सीट चन्नपट्टण की थी जहां वोक्कालिगा हार्टलैंड में कांग्रेस के सीपी योगेश्वर ने एनडीए उम्मीदवार व पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के बेटे निखिल कुमारस्वामी को 25 हजार 413 मतों के अंतर से हराया। योगेश्वर को 1 लाख 12 हजार 642 मत मिले वहीं, निखिल कुमारस्वामी को 87 हजार 229 वोट प्राप्त हुए।
शिग्गांव विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार यासिर खान पठान ने पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के बेटे व भाजपा उम्मीदवार भरत बोम्मई को 13 हजार 448 मतों से शिकस्त दी है। पिछले चार विधानसभा चुनावों से भाजपा यह सीट लगातार जीत रही थी। यासिर खान पठान को जहां 1 लाख 756 मत मिले वहीं, भरत बोम्मई 87 हजार 308 वोट हासिल कर सके। वर्ष 1994 के बाद पहली बार यह सीट कांग्रेस जीतने में कामयाब हुई है।
कांग्रेस ने संडूर में अपनी मजबूत पकड़ कायम रखी जबकि, शिग्गांव और चन्नपट्टण में भाजपा और जद-एस को करारी शिकस्त देकर बड़ी कामयाबी हासिल की। संडूर में कांग्रेस उम्मीदवार ई.अन्नपूर्णा ने भाजपा के बंगारु हनुमंत को 9649 मतों से हराया। ई.अन्नपूर्णा लोकसभा सदस्य ई.तुकाराम की पत्नी हैं। ई.अन्नपूर्णा को 93 हजार 616 मत मिले वहीं, भाजपा उम्मीदवार बंगारु हनुमंत को 83 हजार 967 वोट हासिल कर पाए।