
बेंगलुरु। कर्नाटक में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट JN.1 ने आतंक मचाया हुआ हैं। राज्य में पिछले 48 घंटों में रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या सोमवार को 28 से दोगुनी हो कर बुधवार सुबह तक 79 पर पहुँच चुकी हैं। पिछले दो दिनों में कर्नाटक में कोरोना के कारण एक मौत की सूचना भी मिली है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, बुधवार सुबह 8 बजे तक राज्य में 79 मामले दर्ज किए गए जिससे कथित तौर पर मंगलवार से 35 मामलों की वृद्धि हुई है।
वहीं पड़ोसी राज्य केरल में बुधवार तक सबसे अधिक 2,041 सक्रिय मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले 48 घंटों में रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या में 336 (सोमवार से मंगलवार तक 112 और मंगलवार से बुधवार तक 224) की वृद्धि हुई है। केरल में इस अवधि में कोरोना से तीन मौतें हुईं।
मंत्रालय के अनुसार, तमिलनाडु (77 मामले), महाराष्ट्र (35 मामले), गोवा (23 मामले), पुड्डुचेरी (20 मामले), गुजरात (12 मामले), और दिल्ली (4 मामले) कोरोना के कुल मामलों में योगदान देने वाले अन्य राज्यों में से हैं। बुधवार तक 2,311 मामले सामने आए, जो मंगलवार से 270 ज्यादा है। पिछले 48 घंटों में केवल केरल और कर्नाटक में ही कोविड से मौतें हुई हैं।
कोरोना के बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को पड़ोसी राज्य केरल में कोविड मामलों में वृद्धि के मद्देनजर वरिष्ठ नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने की सलाह जारी करते हुए कहा कि "सभी बुजुर्ग (60 वर्ष और उससे अधिक, विशेष रूप से किडनी, हृदय, लीवर की बीमारियों आदि से पीड़ित), गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को बाहर निकलने पर फेस मास्क पहनना चाहिए और बंद, खराब हवादार और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में जाने से सख्ती से बचना चाहिए।"
दिशानिर्देशों में बुखार, खांसी, सर्दी, नाक बहने जैसे श्वसन लक्षणों वाले सभी लोगों को शीघ्र चिकित्सा परामर्श लेने और फेसमास्क (नाक और मुंह को ढकने) पहनने का निर्देश दिया गया है।
कोरोना से लड़ने के लिए विभाग के उठाए कदम
राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 मामलों में कमी लाने के लिए कई सक्रिय कदम उठाए हैं। विभाग ने जनता को घबराने की सलाह नहीं दी है और कर्नाटक के सीमावर्ती राज्यों (जहाँ कोरोना का नया वैरिएंट अपने पैर पसार रहा हैं) में प्रतिबन्ध लगाकर निगरानी को अभी अनावश्यक बताया हैं। हालांकि, विभाग ने कहा है कि केरल और तमिलनाडु के सभी सीमावर्ती जिलों को सतर्क रहना होगा और पर्याप्त परीक्षण और कोविड मामलों की समय पर रिपोर्टिंग सुनिश्चित करनी होगी।
हाल ही में विदेश यात्रा से लौटे रोगसूचक लोगों के नमूनों, गंभीर बीमार या मृत्यु दर वाले समूहों में प्रतिनिधि नमूनों, कोविड-19 पुन: संक्रमण के मामलों, टीकाकरण वाले व्यक्तियों में संक्रमण और कोविड से होने वाली मौतों के नमूनों के लिए संपूर्ण जीनोम सीक्वेंसिंग की सलाह दी गई है।