बैंगलोर

उत्तर कर्नाटक में खुले एआइआइएसएच जैसी संस्था

उत्तर कर्नाटक में एआइआइएसएच मॉडल की संस्था को सैद्धांतिक मंजूरी दी जानी चाहिए। राज्य सरकार भूमि और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगी। इससे मैसूरु केंद्र पर दबाव कम होगा और उत्तर कर्नाटक के मरीजों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

2 min read
Jan 14, 2026
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित एआइआइएसएच की 60वीं परिषद बैठक (वर्चुअल)।

-स्वास्थ्य मंत्री गुंडूराव ने केंद्रीय मंत्री नड्डा से की अपील

कर्नाटक Karnataka के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव ने उत्तर कर्नाटक में मैसूरु स्थित अखिल भारतीय वाणी एवं श्रवण संस्थान (एआइआइएसएच) की तर्ज पर एक नई संस्था स्थापित करने का आग्रह किया है। उन्होंने यह मांग केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा J. P. Nadda की अध्यक्षता में आयोजित एआइआइएसएच की 60वीं परिषद बैठक (वर्चुअल) के दौरान रखी।बैठक में भाग लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य से जुड़ी कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजनाओं की ओर केंद्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि वाक और श्रवण से जुड़ी सेवाओं और प्रशिक्षण में क्षेत्रीय असमानताओं को दूर करने के लिए उत्तर कर्नाटक में एआइआइएसएच जैसी संस्था की आवश्यकता है।

ये भी पढ़ें

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बना रही सरकार : गुंडूराव

अल्पावधि पाठ्यक्रमों की मांग

स्वास्थ्य मंत्री ने वर्तमान में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मियों के लिए 3 से 6 माह की अवधि के अल्पावधि प्रशिक्षण और डिप्लोमा पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति देने का अनुरोध किया। ये पाठ्यक्रम एआइआइएसएच मैसूरु अथवा जिला स्तर के अस्पतालों और सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में एआइआइएसएच के शैक्षणिक सहयोग से संचालित किए जा सकते हैं। इनका फोकस बच्चों की स्क्रीनिंग, प्रारंभिक पहचान, वाक एवं श्रवण समस्याओं की पहचान तथा श्रवण उपचार पर होना चाहिए।

आउटरीच केंद्रों की स्थापना

उन्होंने बताया कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों और चयनित जिला व तालुक अस्पतालों के माध्यम से आउटरीच केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए। इससे स्क्रीनिंग, फॉलो-अप और उपचार सेवाएं सुलभ होंगी।

कॉक्लियर इंप्लांट कार्यक्रम को मजबूती

स्वास्थ्य मंत्री ने कर्नाटक में कॉक्लियर इंप्लांट कार्यक्रम को सशक्त बनाने के लिए एआइआइएसएच मैसूरु से तकनीकी मार्गदर्शन देने का आग्रह किया।

उत्तर कर्नाटक में नई संस्था की आवश्यकता

उन्होंने कहा कि उत्तर कर्नाटक में एआइआइएसएच मॉडल की संस्था को सैद्धांतिक मंजूरी दी जानी चाहिए। राज्य सरकार भूमि और बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगी। इससे मैसूरु केंद्र पर दबाव कम होगा और उत्तर कर्नाटक के मरीजों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

मां-बच्चा प्रशिक्षण केंद्रों की पहल

स्वास्थ्य मंत्री ने गैर-सरकारी संगठनों के सहयोग से जिला स्तर पर मां और बच्चे के प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का भी सुझाव दिया। यह कार्य दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिक सशक्तिकरण विभाग के समन्वय से किया जा सकता है। इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य ने राज्य सरकार से विस्तृत प्रस्ताव भेजने को कहा और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

Published on:
14 Jan 2026 06:52 pm
Also Read
View All

अगली खबर