
बेंगलूरु. कोडुगू में आई विनाशकारी बाढ़ में अंतरराष्ट्रीय थ्रो बॉल खिलाड़ी तषमा मुत्तप्पा का घर बह गया और उसकी तमाम उपलब्धियों के सबूत भी बाढ़ का पानी अपने साथ बहा ले गया। हालात ऐसे हैं कि मुतप्पा परिवार भी अब राहत शिविर में रुका हुआ है। बाढ़ में 23 वषीया तषमा की डिग्रियां, अंक सूचियांं, अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर मिली ट्रॉफियां, कप, पदक, प्रमाण पत्र आदि सब पानी में बह गए। अब इनके मिलने की कोई संभावना नही है। तषमा के परिवार ने दो वर्ष पहले २५ लाख रुपए का कर्ज लेकर मकान बनवाया था लेकिन अब इसका नामोनिशान तक नही है। भूस्खलन से घर भी ढह गया। तषमा का परिवार अपनी जान बचाने के लिए सब कुछ छोड़कर भागने पर मजबूर हो गया था।
यह घटना मडिकेरी से दो किलोमीटर दूर मोण्णमगेरी गांव में हुई थी। बाढ़ के पानी में पूरा गांव बर्बाद हो गया। तषमा का परिवार अब सहायता की प्रतीक्षा कर रहा है। वह दो साल से कोडग़ू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइन्स कॉलेज में कार्यरत है। तषमा ने बताया कि १७ अगस्त को वह काम पर जाने के लिए तैयार हो रही थी, तभी उसने जोरों की आवाज सुनी। बाढ़ का पानी तेजी से आ रहा था और कई मकान ढह चुके थ। फिर उसका घर भी हिलने लगा और सभी परिवार के लोग अपनी जान बचा कर भाग निकले। देखते ही देखते मकान बाढ़ में ढह गया।
उसने बताया कि दो माह पहले उसके बीमार भाई की मौत हुई थी। उसका परिवार किराए के मकान में रहता था। तीन साल पहले दो लाख रुपए देेकर ढलान पर भूमि खरीदी थी। फिर बैंंक से २५ लाख रुपए का ऋण लेकर मकान बनवाया था। अब सब कुछ बह गया। उसने बताया कि अगर मकान एक ही जगह गिरता तो मलबे से कुछ न कुछ मिल सकता था। लेकिन मकान मलबा भी बाढ़ के पानी में ही बह गया।
पटरी पर लौटा जनजीवन
मडिकेरी. बाढ़ प्रभावित कोडुगू जिले में धीरे-धीरे जनजीवन पटरी पर आ रहा है। बारिश कम होने के कारण पुनर्वास कार्य में तेजी आ रही है। अभी तक राहत शिविरों में रहनेवाले लोग अपने-अपने घर पहुंच रहें है। जिसके कारण राहत शिविरों में रहने वालों की संख्या लगातार कम होती जा रही है।
जिले में राहत तथा पुनर्वास कार्य की निगरानी करनेवाली जिलाधिकारी श्रीविद्या ने बताया की जिले के 23 राहत शिविरो में अब 2,913 लोग मौजूद है। जिले में संपर्क सड़कों की मरम्मत के पश्चात कई संपर्क सड़कों पर बस सेवा बहाल की गई है।
दुकानदारों ने भी अपना कारोबार शुरु कर दिया है। मडिकेरी तथा मेंगलूरु संपर्क सड़क बूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने के कारण अभी तक इस सड़क पर बस सेवा शुरु करना संभव नहीं हुआ है। इस सड़क की मरम्मत कार्य पूरा होने तक वाहन चालकों को मेंगलूरु पहुंचने के लिए वैकल्पिक सड़क का उपयोग करने के लिए सूचित किया गया है। राजस्व विभाग की ओर से जिले के सभी 23 राहत शिविरों के परिसर में नए आधार पहचान पत्र वितरित करने के लिए आधार सेवा केंद्र स्थापित किया गया है। इस केंद्र में यहां के निवासियों की बायोमेट्रिक जांच के पश्चात आधार पहचान पत्र की नई कॉपी मुहैया कराई जा रही है।