
मैकेदाटु परियोजना को वरीयता देगी सरकार
बेंगलूरु. राज्य के जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार मैकेदाटु के पास पेयजल की आपूर्ति के लिए बांध बनाने को विशेष वरीयता दे रही है। शिवकुमार ने गुरुवार को यहां कहा कि केन्द्र सरकार से अनुमति मिलते ही राज्य सरकार इस योजना का तेजी से क्रियान्वयन करेगी। 67 टीएमसी जल संग्रहण क्षमता वाले इस जलाशय के बनने के बाद पेयजल की आवश्यकता वाले पानी को छोड़कर अतिरिक्त पानी को हर माह के कोटे के हिसाब से तमिलनाडु के लिए छोडऩे की सुविधा मिलेगी। इस परियोजना के दायरे में कुल 4 हजार एकड़ वन, कृषि व राजस्व विभाग की जमीन आएगी।
उन्होंने कहा कि इस साल अब तक तमिलनाडु के लिए कुल 82 टीएमसी पानी छोडऩा था लेकिन भारी बारिश के कारण 310 टीएमसी पानी तमिलनाडु की तरफ पहले ही बहकर जा चुका है। इस परियोजना पर कुल 6 हजार करोड़ रुपए की लागत आने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने इसी कार्यकाल में इस परियोजना को पूरा करना चाहती है। जलाशय का निर्माण राज्य सरकार अपने ही धन से करेगी और भूमि देने वाले किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। इस जलाशय के निर्माण के पीछे सरकारका मकसद बेंगलूरु के आसपास के जिलों को पर्याप्त मात्रा में पेयजल की आपूर्ति करना और हर साल व्यर्थ बहकर समुद्र में जाने वाले पानी को रोककर उसका सदुपयोग करना है।
पानी चोरी रोकेंगे सतर्कता दल
शिवकुमार ने कहा कि नहरों के पानी की चोरी को रोकने के लिए राज्य सरकार केईबी की तर्ज पर सिंचाई विभाग में भी सतर्कता दलों का गठन करने पर विचार कर रही है। पानी की बीच में चोरी करने के कारण अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंचने की शिकायतों के मद्देनजर यह कड़ा कदम उठाया जाएगा। उन्होंने चेताया कि नहरों व जलाशयों में बिजली के पंपसेट लगाकर पानी की चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नहरों के निचले इलाकों के किसानों को एक फसल के लिए पानी नहीं मिल रहा और आसपास के गावों को पेयजल के लिए पानी नसीब नहीं होता ह पर नहरों के ऊपरी हिस्सों के प्रभावशाली किसान तीन तीन फसलें ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लाखों किसान नहरों से पानी चुराते हैं तो कुछ लोग अवरोधक लगाकर या गेट वॉल को ही तोड़कर अपने खेतों में पानी से सिंचाई करते हैं। इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए राज्य की चारों नीरावरी निगमों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दल तैनात किए जाएंगे और इस संबंध में गृहमंत्री जी. परमेश्वर के साथ चर्चा करके सतर्कता दलों का गठन किया जाएगा। राज्य के सभी जलाशय भर जाने के मद्देनजर सिंचाई क्षेत्रों के तालाबों में पानी भरने के कदम उठाए जाएंगे। ड्रोन कैमरों से नदियों के चित्र लेकर भौगोलिक नक्शे तैयार किए जाएंगे।
Published on:
31 Aug 2018 07:09 pm
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