साध्वी आस्था ने कहा कि पुण्यों में पांचवां पुण्य वस्त्र पुण्य है
बेंगलूरु. विजयनगर स्थानक में साध्वी मणिप्रभा ने कहा कि शास्त्रों के अंदर चर्चा आती है कि व्यक्ति को जीवन में क्या धारण करना चाहिए व क्या छोडऩा है। जीवन में इसके बारे में जानना बहुत जरूरी है, क्योंकि जब तक वस्तु के बारे में पता नहीं होगा कि तब तक कैसे पता चलेगा कि यह वस्तु हमारे लिए उपयोगी है या नहीं।
उन्होंने कहा कि इसके लिए शास्त्रों में तीन शब्दों हेय, ज्ञेय, उपादेय की चर्चा आती है। हमें तत्वों में क्या जानना, क्या छोडऩा, क्या ग्रहण करना है जिससे हमारी आत्मा का उद्धार हो सके, यह समझना होगा। साध्वी आस्था ने कहा कि पुण्यों में पांचवां पुण्य वस्त्र पुण्य है। शरीर की सुरक्षा के लिए वस्त्र का होना बहुत आवश्यक है। वस्त्र व्यक्ति की लज्जा निवारण के लिए आवश्यक है। दो कारणों से वस्त्रों को धारण किया जाता है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी के पास इतना भर वस्त्र भी नहीं है कि वह खुद की लज्जा बचा सके। ऐसे व्यक्ति को वस्त्र देना इंसान का फर्ज है। वस्त्र से चारित्रिक निष्ठा बनी रहती है। वस्त्र एक ऐसी मर्यादा है जिसके द्वारा स्त्री पुरुष चरित्र में स्थिर रहते हैं।
साध्वीवृंद से लिया आशीर्वाद
बेंगलूरु. ऑल इंडिया श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन कॉन्फे्रंस के पदाधिकारियों ने हलसूर स्थानक में विराजित साध्वी नेहाश्री आदि ठाणा तथा अशोकनगर स्थानक में विराजित साध्वी जयश्री आदि ठाणा 5 के दर्शन कर आशीर्वाद लिए। दल में जैन कांफ्रेंस विश्वस्त मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष केसरीमल बुरड़, उपाध्यक्ष शांतिलाल पोखरना, शांतिलाल लोढ़ा, अशोक धोका, नेमीचंद दलाल आदि शामिल थे।
जीणमाता का संगीतमय मंगलपाठ
बेंगलूरु. जीणमाता सेवा समिति की ओर से मालेश्रम वेस्ट स्थित बिग्रेड गेटवे में रविवार को संगीतमय मंगलपाठ का आयोजन किया गया।
इस मौके पर पुजारी व गायक आनंद पाराशर ने गणेश वंदना कर मंगलपाठ का संगीतमय पाठ किया। भक्तगणों ने पाठ का आनंद लिया। अध्यक्ष अनूप अग्रवाल ने मां के जन्म पर भक्तों को खूब बधाइयां बांटी। मां का फूलों से भव्य दरबार सजाया गया। सभी ने अखण्ड ज्योत के दर्शन किए।
आयोजन में समिति के राजू भूतड़ा, नंदलाल चौधरी, रवि अग्रवाल, बालकिशन धानुका, सतीश काबरा सहित बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल हुए।