
श्रमणोपासक होता है श्रावक
बेंगलूरु. हनुमंतनगर जैन स्थानक में साध्वी सुप्रिया ने 'श्रावक कौन होÓ विषय पर कहा कि भगवान महावीर के धर्म संघ के चार प्रमुख स्तंभ साधु, साध्वी, श्रावक और श्राविका हैं। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर ने श्रावक को श्रमणोपासक की उपमा दी है। जो त्यागी संत श्रमणों की सेवा भक्ति आहार, वस्त्र, पात्र आदि विभिन्न प्रकल्पों में उन्हें सेवा पहुंचाते हुए आदर व विनयपूर्वक उनके संयम पालन में सहयोगी बनता है, वही सच्चा आदर्श श्रमणोपासक है। संत के संयमी जीवन के पालना के लिए श्रावक का जागरुक होना जरूरी है। श्रावकों के बिना श्रुतज्ञान का विस्तार नहीं हो सकता है। साध्वी सुदीप्ति ने गीतिका प्रस्तुत की। साध्वी सुमित्रा ने सागरदत्त चरित्र का वाचन करते हुए सभी को मंगलपाठ प्रदान किया। संचालन सह मंत्री रोशनलाल बाफना ने किया।
जिनवाणी से होती है आत्मा शुद्ध
चामराजनगर. गुंडलपेट स्थानक में साध्वी साक्षी ज्योति ने कहा कि जो हमारी भूख शांत करे, उसे हम भोजन कहते हैं। जो हमारी प्यास शांत करे, उसे पानी कहते हैं। इसी प्रकार जो हमारी आत्मा को शुद्ध करे उसे जिनवाणी कहते हैं। उन्होंने कहा कि नैतिकता इंसान को उच्च गति तक ले जाती है। अगर हमारे जीवन में ईमानदारी की भावना समाहित नहीं है तो हमारे मन में बार बार पाप करने के भाव आएंगे। उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा नैतिकता अपनाएं तभी जीवन सुखमय बनेगा। इस अवसर पर साध्वी पूजा ज्योति ने कहा कि भगवान से यदि सच्च मन से प्रीति हो जाती है तो फिर भक्त भगवान से नश्वर चीजों की मांग नहीं करता है।
दानपात्र से 50 हजार रुपए चोरी
मण्ड्या. जिले की श्रीरंगपट्टण तहसील के वरडहल्ली गांव में राकषम्मा देवी देवस्थान में चोरों ने बीती रात देवस्थान के दरवाजे का ताला तोड़कर दानपात्र से करीब 50 हजार रुपए चुरा लिए। देवस्थान की प्राण प्रतिष्ठा करीब आठ महीने पहले ही हुई थी। देवस्थान में चोरी का पता गांव के स्थानीय निवासी मरियापा को सोमवार सुबह चला। उन्होंने ग्रामीणों को जानकारी दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंचकर अरकेरे थाना प्रभारी विनिता गौड़ा ने मुआयना कर मामला दर्ज किया। चोरों की तलाश की जा रही है।
Published on:
28 Aug 2018 06:19 pm
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