प्रत्येक मरीज को इलाज के लिए अधिकतम 2 लाख रुपए तक की सुविधा दी जाएगी। दवा की दर 2,000 रुपए प्रति ग्राम तय की गई है और डोज मरीज के वजन के आधार पर निर्धारित होगी।
कर्नाटक सरकार Karnataka Government ने गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) Guillain-Barré Syndrome के मरीजों के लिए महंगे इलाज को किफायती बनाने के उद्देश्य से इंट्रावेनस इम्युनोग्लोब्युलिन (आइवीआइजी) Intravenous Immunoglobulin थेरेपी को आयुष्मान भारत-आरोग्य कर्नाटक योजना के तहत शामिल किया है।
इस संबंध में सुवर्ण आरोग्य सुरक्षा ट्रस्ट ने एक परिपत्र जारी किया है। इसके तहत जीबीएस के इलाज में आवश्यक आइवीआइजी थेरेपी के लिए विशेष प्रोसीजर कोड निर्धारित किए गए हैं। प्रत्येक मरीज को इलाज के लिए अधिकतम 2 लाख रुपए तक की सुविधा दी जाएगी। दवा की दर 2,000 रुपए प्रति ग्राम तय की गई है और डोज मरीज के वजन के आधार पर निर्धारित होगी।
योजना के दुरुपयोग को रोकने के लिए अस्पतालों को आइवीआइजी वायल, बैच नंबर, मरीज के नाम सहित फोटो और चिकित्सक द्वारा प्रमाणित डोज विवरण को पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। यह सुविधा राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों और योजना के तहत पंजीकृत निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी।