बैंगलोर

जागो जनमत: सीरवी समाज ने ली मतदान की शपथ

मतदाधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए राजस्थान पत्रिका के ‘जागो जनमत’ अभियान की गूंज अब निकटवर्ती जिलों में सुनाई देने लगी है।
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Updated: 28 Apr 2018, 5:57 AM IST
Jago Janmat campaign

मंड्या. विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को मतदाधिकार के प्रति जागरूक करने के लिए राजस्थान पत्रिका के ‘जागो जनमत’ अभियान की गूंज अब निकटवर्ती जिलों में सुनाई देने लगी है। वर्षों पहले राजस्थान से आकर मंड्या में बसे सीरवी समाज के लोगों ने कर्नाटक विधान सभा चुनावों में वोट डालने का संकल्प किया है। सीरवी समाज मंड्या की और से शुक्रवार को विवेकानंद ले आउट स्थित आईमाता बडेर में आयोजित संगोष्ठी में वोट डालने का संकल्प किया गया।

संगोष्ठी में समाज के अध्यक्ष तुलसाराम पंवार ने कहा 12 मई को कर्नाटक विधान सभा के चुनाव हैं। अपने कामकाज में से समय निकाल कर मतदान करने अवश्य जाएं। उन्होंने कहा कि मतदान करना हमारा मौलिक अधिकार ही नहीं बल्कि कर्तव्य भी है। यदि हम सब अपने स्वविवेक से वोट डालने जाएंगे तो साफ सुथरी सरकार बनेगी और प्रदेश उन्नति की ओर अग्रसर होगा।


समाज के कोषाध्यक्ष चेन्नाराम पंवार ने कहा कि खुद तो मतदान करेंगे ही साथ ही हम दूसरों को भी वोट डालने के लिए प्रेरित करेंगे। इसमें महिलाओं को भी आगे आना चाहिए। समाज के घेवरराम राठौड़, सुखलाल गहलोत, राजाराम बर्फा और कालुराम पंवार ने भी वोट के महत्व के बारे में बताया और लोगों को जागरूक करने की बात कही। महिलाएं भी घर का काम-काज निपटा कर परिवार के साथ मतदान करने जरूर जाएंगी।

पुण्योदय से मिलता है तप का अवसर
बेंगलूरु. मनुष्य जीवन, आर्य देश, उत्तम कुल और जैन धर्म की प्राप्ति अत्यंत दुर्लभ हैं। परम पुण्योदय से ही इन सभी की उत्तरोत्तर प्राप्ति होती है। इसके साथ ही उपधान तप की आराधना का अवसर और भी अधिक पुण्योदय से मिलती है। यह बात सुराणा नगर में पाश्र्व सुशील धाम तीर्थ में आचार्य मुक्तिसागर ने उपधान तप आराधना अनुष्ठान के दौरान कही।


आचार्य ने कहा कि बगैर पुण्योदय के उपधान तप करने सौभाग्य नहीं मिलता। सुरेश बंदामूथा ने बताया कि करीब डेढ़ सौ आाराधक बेंगलूरु सहित चेन्नई, हैदराबाद, विजयवाड़ा, मैसूरु, मंड्या, वेल्लूर, तुमकूरु, हुब्बल्ली, मुंबई आदि से आए हैं। आज की नीवी एकासना का लाभ अमीयाबाई दीपचंद पालगोता ने लिया। रविवार सुबह उपधान तप के दूसरे अट्ठारिया के प्रवेश के साथ ही तप पूर्णाहूति महोत्सव की जाजम होगी। जिसमें विविध चढ़ावे लगाए जाएंगे।

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