बैंगलोर

हाथियों की आबादी को नियंत्रित करने के लिए इम्यूनो-कॉन्ट्रासेप्शन पर विचार कर रहा कर्नाटक

देश India में सबसे अधिक हाथी आबादी वाले राज्य कर्नाटक Karnataka में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष को देखते हुए हाथियों की संख्या नियंत्रित करने के लिए इम्यूनो-कॉन्ट्रासेप्शन (प्रतिरक्षा आधारित गर्भनिरोधक) उपाय अपनाने पर विचार किया जा रहा है। गैर-वन क्षेत्रों में प्रवेश की घटनाओं में वृद्धि अक्टूबर में जारी ‘स्टेटस ऑफ एलीफेंट्स इन इंडिया : डीएनए-आधारित […]

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Feb 09, 2026
file photo

देश India में सबसे अधिक हाथी आबादी वाले राज्य कर्नाटक Karnataka में बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष को देखते हुए हाथियों की संख्या नियंत्रित करने के लिए इम्यूनो-कॉन्ट्रासेप्शन (प्रतिरक्षा आधारित गर्भनिरोधक) उपाय अपनाने पर विचार किया जा रहा है।

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गैर-वन क्षेत्रों में प्रवेश की घटनाओं में वृद्धि

अक्टूबर में जारी ‘स्टेटस ऑफ एलीफेंट्स इन इंडिया : डीएनए-आधारित समकालिक अखिल भारतीय हाथी गणना’ रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक में 6,013 हाथी elephant हैं, जो देश में सबसे अधिक हैं। वहीं, पूरे देश में हाथियों की कुल संख्या 22,446 है। हाल के वर्षों में हाथियों के मानव बस्तियों, खासकर गैर-वन क्षेत्रों में प्रवेश की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इसे देखते हुए कर्नाटक वन विभाग इम्यूनो-कॉन्ट्रासेप्शन को एक अस्थाई जनसंख्या नियंत्रण उपाय के रूप में अपनाने पर विचार कर रहा है। हालांकि, इसके लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की मंजूरी आवश्यक होगी।

केंद्रीय मंत्रालय को मनाने की कोशिश करेंगे

वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मुद्दा 9 फरवरी से बंडीपुर Bandipur और नागरहोले टाइगर रिजर्व Nagarhole Tiger Reserve में आयोजित होने वाले बिग कैट एलायंस समिट के दौरान उठाया जाएगा। उन्होंने कहा, हम केंद्रीय मंत्रालय को मनाने की कोशिश करेंगे। अफ्रीकी देशों में पिछले एक दशक से अधिक समय से इम्यूनो-कॉन्ट्रासेप्शन का सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है। थाईलैंड ने भी इसे अपनाया है।

तब अपेक्षित सफलता नहीं मिली

अधिकारी ने बताया कि विभाग ने पहले भी इस विकल्प पर विचार किया था, लेकिन तब अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। अब हम इसे गैर-वन क्षेत्रों, जैसे कॉफी बागानों में, अस्थाई रूप से लागू करना चाहते हैं, जहां हाथियों ने अब अपना आवास बना लिया है। इस विषय पर समिट के दौरान अफ्रीकी देशों के विशेषज्ञों से चर्चा की जाएगी।

Published on:
09 Feb 2026 05:51 pm
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