बैंगलोर

Nandini Milk: किसानों के अल्टीमेटम से कर्नाटक सरकार पर दबाव, दूध कलेक्शन में आई गिरावट, CM डीके शिवकुमार ने दिया आश्वासन

Nandini Milk: कर्नाटक में सूखे और बढ़ती लागत से परेशान डेयरी किसानों ने दूध की खरीद कीमत बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। मुख्यमंत्री ने किसानों की मांगों पर चर्चा के लिए जल्द ही दुग्ध उत्पादक संघों की बैठक बुलाने का आश्वासन दिया है।
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Sep 19, 2026
DK Shivakumar
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार। फोटो- आईएएनएस

Karnataka Milk Price Hike: सूखे जैसे हालात, चारे की कमी और बढ़ती लागत के बीच डेयरी किसानों ने दूध की खरीद कीमत बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को कहा कि किसानों की मांग पर चर्चा के लिए जल्द ही दुग्ध उत्पादक संघों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई जाएगी। चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा। खरीद कीमत बढ़ने पर सरकार नियंत्रित सहकार क्षेत्र के कर्नाटक दुग्ध महासंघ (केएमएफ) के नंदिनी दूध की खुदरा कीमतों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ा

चिकमगलूरु जिले के एनआर पुरा तालुक के बालेहोनूर में पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने कहा कि राज्य के दूध उत्पादक प्रति लीटर 8 से 9 रुपए की बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं। तमिलनाडु में भी हाल में दूध की खरीद कीमत बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पशु आहार और चारे की कीमत बढ़ने से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। चारे की उपलब्धता में कमी के कारण भी डेयरी क्षेत्र प्रभावित हुआ है। शिवकुमार ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में दूध की खरीद कीमत अधिक होने के कारण कर्नाटक से वहां ज्यादा दूध भेजा जा रहा है।

दूध उत्पादक सहकारी समितियों को नुकसान

इससे राज्य की दूध उत्पादक सहकारी समितियों को नुकसान हो रहा है। सरकार इस स्थिति से निपटने के उपायों पर भी चर्चा करेगी। इससे पहले कर्नाटक दुग्ध उत्पादक संघ ने केएमएफ के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर दूध की खरीद कीमत में तत्काल 8 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की मांग की थी। एसोसिएशन के अध्यक्ष पी. नागराज के अनुसार सूखे के कारण चारे की उपलब्धता कम हुई है। तीन महीने पहले केएमएफ प्रतिदिन करीब 1.11 करोड़ लीटर दूध खरीदता था, जो अब घटकर 1.03 करोड़ लीटर रह गया है। दूध में सॉलिड-फैट की मात्रा और गुणवत्ता में भी कमी आई है।

पैकेजिंग लागत में 40 प्रतिशत की वृद्धि

नागराज ने बताया कि दूध की कीमत में पिछली बढ़ोतरी अप्रेल 2025 में हुई थी। इसके बाद पैकेजिंग लागत में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। प्रसंस्करण लागत भी बढ़ी है। एसोसिएशन ने सरकार और केएमएफ को निर्णय के लिए तीन दिन का समय देते हुए मांग पूरी नहीं होने पर 22 सितंबर को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। वहीं, शिवमोग्गा जिला केंद्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष आर.एम. मंजूनाथ गौड़ा ने भी तीर्थहल्ली में जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री से दूध की कीमत बढ़ाने का आग्रह किया।

राज्य सरकार देगी अंतिम मंजूरी

उन्होंने कहा कि किसानों की मुश्किलों को देखते हुए सरकार को इस दिशा में निर्णय लेना चाहिए। दूध उत्पादकों ने अगले सप्ताह विरोध प्रदर्शन की भी योजना बनाई है। केएमएफ के एक अधिकारी के अनुसार दूध की खरीद कीमत बढ़ाने की मांग पर विचार चल रहा है, लेकिन अंतिम मंजूरी राज्य सरकार को देनी होगी।

Updated on:
19 Sept 2026 10:00 pm
Published on:
19 Sept 2026 09:54 pm