बैंगलोर

कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा गौतम के जीवन का ज्ञानोदय बना

भगवान महावीर के प्रति गौतम का अति अनुराग था। यही मोह केवलज्ञान और वीतराग में बाधक बन रहा था।
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Updated: 9 Nov 2018, 5:32 PM IST
jainism
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा गौतम के जीवन का ज्ञानोदय बना

बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, राजाजीनगर में भगवान महावीर निर्वाण कल्याणक, गौतम स्वामी केवलज्ञान महोत्सव एवं नूतन वर्ष पर महामांगलिक का आयोजन किया गया।

इस अवसर प साध्वी संयमलता ने कहा कि दीपावली को भगवान महावीर का स्मरण व पूजन करने के साथ ही गणधर गौतम का स्मरण किया जाता है। कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा का वह उषाकाल गौतम स्वामी के जीवन का ज्ञानोदय काल बना।

भगवान महावीर के प्रति गौतम का अति अनुराग था। यही मोह केवलज्ञान और वीतराग में बाधक बन रहा था। प्रभु तो सर्वज्ञ थे।

अपने अंतिम समय को निकट जानकर गौतम स्वामी को देवशर्मा नामक ब्राह्मण को उपदेश देने के लिए भेज दिया।

इधर, प्रभु महावीर स्वामी का निर्वाण हो गया। गौतम स्वामी बालक की तरह रुदन करने लग गए।

कुछ समय बाद मोह त्यागकर वीतरागता को प्राप्त का उनका हृदय केवलज्ञान के आलोक में जगमगा उठा।

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स्नेह मिलन 11 को
बेंगलूरु. भीनमाल जैन संघ बेंगलूरु की ओर से 28वां दिवाली स्नेह मिलन 11 नवंबर को एरिया 83 रिसोर्ट बन्नेरघट्टा रोड में होगा। सभी तपस्वियों का बहुमान व नई कार्यकारिणाी का गठन किया जाएगा। कार्यक्रम का सम्पूर्ण लाभ हीरालाल खिमचंद मेहता परिवार ने लिया है।

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