
बेंगलुरु में बम धमाके के मामले में 3 गिरफ्तार
Bengaluru Bomb Blast: बेंगलुरु के पुलकेशीनगर थाना क्षेत्र में पिछले सप्ताह एक निर्माणाधीन मकान में हुए बम धमाके के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमनत कुमार सिंह ने रविवार को बताया कि शुरुआती जांच में इस घटना के पीछे व्यक्तिगत रंजिश सामने आई है। पुलिस ने आतंकी साजिश की आशंका से इनकार किया है। दशहरा उत्सव के अंतिम दिन से ठीक पहले हुई इस घटना की जांच के लिए कई एजेंसियों की मदद ली गई थी और पुलिस ने 72 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस आयुक्त के मुताबिक, आरोपियों ने निर्माणाधीन मकान की साइट पर तैनात सुरक्षा गार्ड के लिए एक पार्सल पहुंचाया था। जांच में सामने आया कि सुरक्षा गार्ड ही हमले का असल निशाना था, लेकिन उसके साथ मौजूद एक अन्य मजदूर ने पार्सल खोल दिया। धमाके में मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि लक्षित सुरक्षा गार्ड को मामूली चोटें आईं। घायल मजदूर का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत में सुधार हो रहा है।
सीमनत कुमार सिंह ने बताया कि तीनों आरोपी और निशाने पर मौजूद व्यक्ति मूल रूप से असम के रहने वाले हैं और एक ही गांव से ताल्लुक रखते हैं। असम पुलिस से भी इसकी पुष्टि की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों और पीड़ित के बीच पैसों, जमीन तथा पारिवारिक मामले को लेकर विवाद था। इसी रंजिश के चलते तीनों ने मिलकर हमले की साजिश रची। पुलिस आयुक्त ने बताया कि मुख्य आरोपी मास्की से बेंगलुरु आया था। उसने वहीं विस्फोटक उपकरण तैयार किया और फिर बेंगलुरु में उसे निर्धारित स्थान पर रखकर वापस लौट गया। उसे मास्की से गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके दो सहयोगियों को बेंगलुरु से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, दोनों सहयोगियों ने स्थानीय स्तर पर रास्ता दिखाने और लक्षित व्यक्ति को पार्सल खोलने के लिए राजी करने में मदद की।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि मामले की जांच में 78 से अधिक पुलिसकर्मी और विभिन्न एजेंसियों के करीब 100 लोग जुटे थे। जांच के दौरान 1,500 से अधिक CCTV फुटेज की पड़ताल की गई और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। आंतरिक सुरक्षा प्रभाग (ISD), एंटी-टेरर सेल (ATC), सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB), केंद्रीय एजेंसियों, असम पुलिस और रायचूर पुलिस ने भी जांच में सहयोग किया। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी बिजली का काम करता है। उसके घर से कई सामग्री बरामद की गई और विस्फोटक उपकरण में इस्तेमाल किए गए सामान की खरीद के स्रोतों का पता लगाया गया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि उपकरण में छर्रे, बैटरियां और पटाखों से निकाला गया बारूद इस्तेमाल किया गया था। उसमें एक पुश-बटन सर्किट बनाया गया था, जिसे दबाने पर धमाका हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपियों की शैक्षणिक योग्यता आठवीं कक्षा तक थी और जांच में अपराध तथा बम बनाने के तरीकों से जुड़ी ऑनलाइन सामग्री देखने की बात सामने आई। हालांकि, पुलिस को विस्फोटक उपकरण का कोई परीक्षण किए जाने का सबूत नहीं मिला।
पुलिस आयुक्त ने बताया कि इस मामले में आरोपियों ने तीसरे लोगों के मोबाइल फोन का भी इस्तेमाल किया था। वे फोन की बैटरी खत्म होने या फोन काम नहीं करने का बहाना बनाकर किसी से थोड़ी देर के लिए मोबाइल मांगते थे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपना फोन किसी अनजान व्यक्ति को देते समय सावधानी बरतें।
इसके अलावा, पुलिस सार्वजनिक स्थानों, प्रतिष्ठानों और BMTC बसों में CCTV कैमरों की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा करेगी, ताकि कैमरों की कवरेज में मौजूद खाली जगहों को दूर किया जा सके। पुलिस आयुक्त ने बताया कि मामले को 72 घंटे में सुलझाने वाली जांच टीम के लिए DGP और IGP के साथ बेंगलुरु सिटी पुलिस ने 3 लाख रुपये के नकद इनाम की घोषणा की है।
Updated on:
25 Oct 2026, 6:00 PM IST
Published on:
25 Oct 2026, 6:00 PM IST
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