- लोगों से की गांव नहीं लौटने की अपीलउन्होने कहा कि हर रविवार को लॉकडाउन किया जाएगा। पहला संडे लॉकडाउन सफल रहा है और लोगों ने स्वप्रेरित तौर पर लॉकडाउन को समर्थन दिया है। वाहनों का आवागमन बहुत कम रहा है और लोग भी घरों से बाहर नहीं निकले हैं।
बेंगलूरु. राजधानी बेंगलूरु में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलने के कारण लॉकडाउन लागू करने की तमाम अटकलों को खारिज करते हुए गृहमंत्री बसवराज बोम्मई ने स्पष्ट किया है लॉकडाउन नहीं किया जाएगा। लोगों को इसके डर से गांव लौटने के बजाय बेंगलूरु में ही सुरक्षित रहना चाहिए।
उन्होंने रविवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि बेंगलूरु में संक्रमण बढऩे के कारण लॉकडाउन होने के भय से लोग बेंगलूरु छोड़कर दूसरे शहरों व गांवों की तरफ निकल पड़े हैं जिसकी वजह से वहां संक्रमण बढऩे का डर उत्पन्न हो गया है। लोगों को बेंगलूरु में ही सुरक्षित रहना चाहिए और कोरोना से बचाव के लिए मास्क लगाने, बार-बार हाथ धोने व सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
उन्होने कहा कि हर रविवार को लॉकडाउन किया जाएगा। पहला संडे लॉकडाउन सफल रहा है और लोगों ने स्वप्रेरित तौर पर लॉकडाउन को समर्थन दिया है। वाहनों का आवागमन बहुत कम रहा है और लोग भी घरों से बाहर नहीं निकले हैं।
कोविड रोगियों के लिए बिस्तर की कमी नहीं
उन्होंने कहा कि बेंगलूरु में कोरोना के रोगियों के लिए बिस्तरों की कमी नहीं है। कम लक्षण वाले रोगियों को कोविड केयर सेंटरों में भर्ती किया जा रहा है। ए लक्षण वाले, बिना लक्षण वाले व सुदृढ़ रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले कोरोना पोजिटिव रोगियों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले ही निजी अस्पतालों व निजी मेडिकल कॉलेजों से 50 फीसदी बिस्तर ले रखे हैं।
निजी अस्पतालों में 78 से 80 फीसदी तक बिस्तर खाली हैं।उन्होंने कहा कि रोगियों के पॉजिटिव होने की सूचना मिलने के बाद उनको अस्पताल पहुंचाने के लिए एम्बुलेन्स की व्यवस्था की गई है। हर वार्ड को पहले ही दो एम्बुलेन्स आवंटित की गई है। बेंगलूरु में 500 एम्बुलेन्स की और जरूरत है।