फूलों बनी इस प्रतिकृति को देखने के लिए हर दिन हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं
मैसूरु. दशहरा पुष्प प्रदर्शनी में बनी दिल्ली के लोटस टेम्पल की प्रतिकृति पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नवनिर्मित ग्लास हाउस में लाखों गुलाब और अन्य प्रकार के फूलों बनी इस प्रतिकृति को देखने के लिए हर दिन हजारों पर्यटक पहुंच रहे हैं।
प्रतिकृति को बनाने में करीब 2 लाख गुलाब के फूलों का इस्तेमाल किया गया है और 19 अक्टूबर तक चलने वाली प्रदर्शनी में हर दूसरे दिन इन फूलों को बदल दिया जाता है ताकि फूलों की ताजगी बनी रहे और प्रतिकृति का आकर्षण बरकरार रहे। 18 फीट ऊंची और 50 फीट चौड़ी प्रतिकृति ग्लास हाउस को एक नई पहचान देने में सफल रही है।
बागवानी विभाग के अनुसार दशहरा महोत्सव के इतिहास में यह अब तक सबसे बड़ी पुष्प प्रदर्शनियों में एक है। करीब 1020 वर्ग मीटर परिसर को चारों ओर से कई प्रकार की आकर्षक पुष्प प्रतिकृतियां सजाया गया है। लोटस टेम्पल के अतिरिक्त अशोक स्तंभ, मिक्की माउस, डोल्फिन, नृत्य करती गुडिय़ा, पेंगुइन, मैसूरु महल का जयमार्तेण्डेय द्वार, हाथीगाड़ी आदि प्रतिकृतियां पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं।
वहीं करीब एक लाख गमलों में विविध प्रकार के फूलों और सजावटी पौधों से पूरे परिसर को सजाया गया है। 20 फीट ऊंचे अशोका पिल्लर के निर्माण में करीब 74 हजार गुलाब के फूलों का उपयोग हुआ है। परिसर में 20 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए हैं जहां विविध प्रकार के बागवानी संबंधित उत्पादों की बिक्री हो रही है।
वहीं शाम के समय म्युजिकल फाउंटेन पर्यटकों के आकर्षण का एक अन्य केन्द्र है। पार्क से मैसूरु पैलेस के बेहद नजदीक रहने के कारण पर्यटक शाम में पुष्प प्रदर्शनी में शामिल होते हैं और बाद में रोशनी से झिलमिल मैसूरु पैलेसे को देखने का आनंद लेते हैं।
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बेंगलूरु. मां दुर्गा सेवा समिति, कामाक्षीपाल्या की ओर से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी धनंजय पैलेस में दशहरा महोत्सव आयोजित किया गया है। उत्तर भारत निवासियों ने माता चंद्रघंटा की पूजा की। मदनसिंह, मणिकांत झा, सुनील ठाकुर आदि मौजूद रहे।