
मैसूरुवासियों ने लिया 'ओपन स्ट्रीट फेस्टिवल' का मजा
मैसूरु. महलों के शहर में शनिवार को पहली बार आयोजित हुए 'ओपन स्ट्रीट फेस्टिवल' में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शहर की प्रमुख सड़कों पर खुले में आयोजित इस विविधतापूर्ण कार्यक्रम में हर आयु वर्ग के लिए कई प्रकार की मनोरंजक गतिविधियां हुईं।
वहीं जायकेदार व्यंजनों का भी लोगों ने जमकर लुफ्त लिया। आयोजन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता का भी संदेश दिया गया जिसके तहत पूरे आयोजन को प्लास्टिक मुक्त रखा गया।
पर्यटन मंत्री सारा महेश ने महोत्सव का उद्घाटन करते हुए कहा कि पर्यटकों के पसंदीदा शहर मैसूरु में इस प्रकार का ओपन स्ट्रीट फेस्टिवल होने से पर्यटकों को नए किस्म मनोरंजक कार्यक्रम देखने को मिलते हैं।
ऐसे कार्यक्रम अगर नियमित अंतराल पर होते हैं तो यह बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करने में सफल रहेगा। आयोजन में कई प्रकार की प्रदर्शनियां लगाई गई और विविध प्रकार की दुकानों पर लोगों ने जमकर खरीददारी की।
ओपन स्ट्रीट फेस्टिवल में मैसूरु की परंपरा और संस्कृति को भी दर्शाया गया। करीब 15 कलाकरों ने पेंटिंग्स, फोटो, मैजिक शो, कठपुतली शो, स्टोरी टेलिंग, साइकलिंग आदि की रोचक प्रस्तुतियां दी।
फेस्टिवल के कारण प्रमुख सड़कों पर वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध रहा। पर्यटन विभाग के उप निदेशक जनार्दन ने कहा कि पूरी दुनिया में इस प्रकार के आयोजनों से पर्यटन गतिविधियों को बढावा दिया जाता है और अब मैसूरु भी उसमें शामिल हो गया है।
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महिला न्यायाधीश को मंदिर में प्रवेश से रोका
चामुंडी पहाड़ी पर स्थित चामुंडेश्वरी मंदिर में शनिवार को गोल्डपास होने के बावजूद मंड्या जिला न्यायाधीश तथा उनके परिजनों को मंदिर में प्रवेश करने से रोका गया।
इस बात से नाराज जिला न्यायाधीश ने मंदिर के प्रबंधन तथा सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ केआर नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। नियमों के मुताबिक दशहरा महोत्सव के लिए गोल्ड पास धारकों को मैसूरु का अंबाविलास महल, चिडियाघर तथा चामुंडी मंदिर में नि:शुल्क प्रवेश दिया जाता है। जिला न्यायाधीश के पास गोल्ड पास होने के बावजूद उन्हें मंदिर में प्रवेश नहीं मिला।
Published on:
14 Oct 2018 05:48 pm
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