
दावणगेरे. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोई बड़ा फैसला लेने से पहले विपक्ष से बात नहीं करते।
जन आशीर्वाद यात्रा के पांचवें चरण के दूसरे दिन व्यापारियों से संवाद के दौरान राहुल ने कहा कि मोदी सरकार जन विरोधी नीतियां बनाने में जुटी है। मोदी सरकार किसी भी मसले पर किसी से सलाह-मशविरा करना उचित नहीं समझती। राहुल ने मोदी पर अकेले सारे फैसले लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत जैसे विशाल देश को इस तरह नहीं चलाया जा सकता है।
राहुल ने कहा कि पिछले चार साल के दौरान मोदी जब भी मिले सिर्फ हाय-हैलो तक ही सीमित रहे। उन्होंने कभी बात नहीं की। राहुल ने कहा कि कांग्रेस देश के 20 प्रतिशत मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करती है लेकिन पिछले चार सालों में मोदी ने हमसे कभी बात नहीं की। राहुल ने कहा कि डॉ मनमोहन सिंह जब भी कोई बड़ा फैसला लेते थे तब विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी से बात करते थे क्योंकि वे मतदाताओं के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते थे। इसके विपरीत पिछले चार साल के दौरान मोदी और मेरे बीच सिर्फ हाथ मिलाने, नमस्ते कहने और हाल-चाल पूछने भर बात होती है। राहुल ने कहा कि यह बहुत ही हास्यास्पद है और ऐसा सिर्फ मेरे साथ ही नहीं, बल्कि हमारी पार्टी के दूसरे नेताओं के साथ भी होता है। यहां तक कि सभी विपक्षी नेताओं के प्रति भी उनका यही व्यवहार है। मोदी अपनी पार्टी के आडवाणी जैसे वरिष्ठ नेताओं की भी नहीं सुनते हैं।
बेरोजगारी के कारण युवाओं में गुस्सा
राहुल ने कहा कि आज देश के युवा गुस्से में हैं तो इसका कारण बेरोजगारी है।सरकार एक दिन में सिर्फ ४५० लोगों को ही रोजगार दे रही है। आज युवाओं की ताकत बर्बाद हो रही है। अगर इस ताकत का सही इस्तेमाल करेंगे तो हम पूरी दुनिया को बदल सकते हैं।