जातीय समीकरणों को साधने कीे कोशिश
बेंगलूरु. गठबंधन ने मंत्रियों के चयन में जातीय समीकरणों का भी ख्याल रखा गया है। 27 सदस्यीय मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा पद राजनीतिक तौर पर प्रभावी वोक्कालिगा समुदाय को मिले हैं। मुख्यमंत्री सहित 10 सदस्य वोक्कालिगा समुदाय से हैं। उपमुख्यमंत्री सहित चार मंत्री अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। लिंगायत समुदाय के चार नेता मंत्री बनाए गए हैं। अल्पसंख्यक समुदाय से तीन मंत्री हैं जबकि ब्राह्मण, कुरुबा, इडिगा, उप्पारा समुदाय से एक-एक मंत्री हैं। जद-एस के 9 मंत्रियों में से 6 वोक्कालिगा, 2 लिंगायत और 1 कुरुबा समुदाय से है। जद-एस के कोटे से मंत्री बसपा के इकलौते विधायक दलित समुदाय से हैं। कांग्रेस के 14 मंत्रियों में से 2-2 वोक्कालिगा, लिंगायत, मुस्लिम व अनुसूचित जाति के हैं जबकि रेड्डी वोक्कालिगा, ब्राह्मण, ईसाई, अनुसूचित जनजाति, उप्पारा, इडिगा से एक-एक मंत्री हैं। कांग्रेस कोटे से मंत्री बने केपीजेपी के आर शंकर कुरुबा समुदाय से आते हैं।
13 जिलों को प्रतिनिधित्व नहीं
मंत्रिमंडल विस्तार में राज्य के 13 जिलों- कोलार, कोडुगू, उडुपी, बेंगलूरु ग्रामीण, चिकमगलूरु, शिवमोग्गा, बल्लारी, दावणगेरे, चित्रदुर्गा, धारवाड़, बागलकोट, गदग, कोप्पल, यादगिर को प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
बेंगलूरु शहर से चार मंत्री
27 सदस्यीय मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा 4 मंत्री बेंगलूरु शहरी जिले से हैं, जबकि 8 जिलों से रामनगर, मण्ड्या, मैसूरु, विजयपुर, बीदर, तुमकूरु और हासन, चामराजनगर से 2-2 और 7 जिलों से 1-1 मंत्री बनाए गए हैं।
12 नए चेहरे
25 मंत्रियों में से 12 पहली बार मंत्री बने हैं। जद-एस के एच.डी. रेवण्णा, बंडप्पा काशमपुर, जी.टी. देवेगौड़ा, डी.सी. तमण्णा और कांग्रेस के आर.वी. देशपांडे, डी.के.शिवकुमार, के.जे. जार्ज, कृष्णा बेरेगौड़ा, प्रियांक खरगे, यू.टी. खादर, जमीर अहमद खान, वेंकट रमणप्पा पहले भी मंत्री रह चुके हैं। इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर चार महिलाएं- प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मी हेब्बालकर, रूपा शशिधर, अंजली निम्बालकर और के. फामिता जीती थीं लेकिन पार्टी ने इनमें से किसी को मंत्री नहीं बनाया। पुराने जमाने की अभिनेत्री जयमाला को पार्टी ने मंत्री बनाया है। पिछली सिद्धरामय्या सरकार में सिर्फ एक महिला मंत्री ही थीं।