आधुनिक युग में ‘अनोखी’ शादियां आम हो चली हैं लेकिन शहर में शनिवार को एक ऐसी शादी हुई जो कई अनोखी शादियों को पीछे छोड़ गई
बेंगलूरु. आधुनिक युग में ‘अनोखी’ शादियां आम हो चली हैं लेकिन शहर में शनिवार को एक ऐसी शादी हुई जो कई अनोखी शादियों को पीछे छोड़ गई। शादी में दो बातें अनोखी थी। एक, नव विवाहित जोड़े ने शादी में आए मेहमानों से आशीर्वाद के रुप में परंपरागत शगुन के लिफाफे या तोहफे की जगह दुनिया की पहली आभासी (वर्चुअल) मुद्रा ‘बिटकॉइन’ देने की गुजारिश की।
पटना की नीतिश्री और जमशेदपुर के प्रशांत शर्मा के पाणिग्रहण समारोह में मेहमानों का तांता लगा था लेकिन किसी के हाथ में कोई तोहफा नहीं था। होता भी कैसे जोड़े ने शादी आमंत्रण कार्ड पर ही छपा रखा था कि शादी में उन्हें बतौर तोहफा सिर्फ ‘बिटकॉइन’ चाहिए। मेहमनों को ‘बिटकॉइन’ में शगुन देने में मुश्किल नहीं हो, इसके लिए समारोह में एक विशेष काउंंटर बनाया गया था जहां लोग अपने खाते से नए जोड़े को ‘बिटकॉइन’ शगुन में दे सकते थे या नए खाते खोल कर अंतरण कर सकते थे।
नई तकनीक के प्रति दीवानगी
एक स्टार्ट-अप कंपनी के मालिक प्रशांत ने बताया कि नीति से उनकी मुलाकात बेंगलूरु में ही स्टार्ट-अप से जुड़े एक कार्यक्रम में हुई। स्टार्ट-अप और नई तकनीक के प्रति दीवानगी दोनों को करीब ले आई। देखते-देखते मुलाकात प्यार में बदल गया और बात शादी तक पहुंची। इसके बाद दोनों ने तय किया कि शादी में तोहफे की जगह मेहमानों से वर्चुअल मुद्रा देने की अपील करेंगे और इस मुद्रा का इस्तेमाल गरीब बच्चों के लिए करेंगे। प्रशांत ने बताया कि नीति के साथ वे कई शादियों का हिस्सा बने हैं। एक ही तरह के तोहफे दे कर ऊब चुके थे जिसके बाद दोनों तोहफे के रूप में शॉपिंग गिफ्ट कार्ड देने लगे। फिर जाकर दोनों को ‘बिटकॉइन’ का ध्यान आया।
मेहमानों को ‘बिटकॉइन’ को समझने में परेशानी न हो इसके लिए दोनों ने कार्ड पर इसे भेजने के तरीकों का भी विवरण दिया। प्रशांत की तरह नीति भी आईटी पेशेवर हैं। दोनों ने अपनी शादी को आईटी से ही नहीं जोड़ा बल्कि कैशलेस अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया। पिछले साल नोटबंदी के बाद नकदी संकट के दौरान कई नववाहित जोड़ों के कार्ड स्वाइपिंग मशीनों के साथ मेहमानों का स्वागत करने की फोटो चर्चा में रही थी।
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने ‘बिटकॉइन’ कानूनी मुद्रा के तौर पर लेन-देन के लिए अधिकृत नहीं किया है लेकिन इसके इस्तेमाल पर पाबंदी भी नहीं लगाई है। बिटकॉइन व इस जैसी अन्य वर्चुअल मुद्राओं के कई एक्सचेंज बने हुए हैं, जिनके जरिए लोग आपस में एक- दूसरे से बिटकॉइन की खरीद और बिक्री करते हैं। पिछले कुछ दिनों से कीमतों में भारी-उतार चढ़ाव के कारण ‘बिटकॉइन’ चर्चा में बना हुआ है।