कर्नाटक राज्य सडक़ परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों में यात्रा करने वाले यात्री 25 जून से यूपीआई, डेबिट और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे।
बेंगलूरु. कर्नाटक राज्य सडक़ परिवहन निगम (केएसआरटीसी) की बसों में यात्रा करने वाले यात्री 25 जून से यूपीआई, डेबिट और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। निगम ने यह व्यवस्था कैशलेश किराए के अन्तर्गत की है। केएसआरटीसी 25 जून से चार डिपो में इलेक्ट्रॉनिक टिकटिंग मशीन (ईटीएम) की एक पायलट परियोजना शुरू करेगा। सभी कंडक्टरों को प्रशिक्षित करने के बाद कुछ ही हफ्तों में इसे सभी बसों में लागू कर दिया जाएगा। परिवहन निगम ने 645 रुपए प्रति डिवाइस के किराए पर 10,245 ईटीएम ली हैं।केएसआरटीसी के एमडी अंबू कुमार ने कहा इस महीने के अंत में यूपीआई आधारित ईटीएम शुरू कर रहे हैं। यात्रियों को खुले पैसे के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है और अब कंडक्टरों द्वारा खुले पैसे न लौटाने की कोई शिकायत नहीं होगी। ईटीएम के साथ, यात्री गूगल पे फोन पे, पेटीएम और अपने क्रेडिट और डेबिट कार्ड से किराए का भुगतान कर सकेंगे।
ईबिक्सकैश लिमिटेड से ईटीएम की आपूर्ति करने और केएसआरटीसी को एक इंटेलीजेंट परिवहन प्रबंधन प्रणाली में बदलने में मदद करने के लिए पांच साल का अनुबंध किया है। "कंडक्टरों को बस बोर्डिंग और डिपार्चर स्टॉप का चयन करना होगा और यात्रियों की संख्या और भुगतान का तरीका चुनना होगा। किराया अपने आप कैलकुलेट हो जाएगा और भुगतान की गई राशि के बाद टिकट जनरेट हो जाएगा। मशीनों को लॉक किया जा सकता है और अगर वे चोरी हो जाती हैं, तो उन्हें स्मार्टफोन की तरह ट्रैक किया जा सकेगा।
हैंडहेल्ड ईटीएम आरएफआईडी डिवाइस के साथ आएगा और इसमें ई-पास जैसे स्मार्ट कार्ड को स्कैन और मान्य करने के लिए एक कैमरा होगा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार शक्ति योजना के लाभार्थियों के लिए स्मार्ट कार्ड जारी करती है, तो उसे भी सिस्टम में शामिल किया जा सकता है। केएसआरटीसी के अधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन आरक्षण प्रणाली को ट्रैक करने और खाली सीटों के आधार पर टिकट जारी करने, लोकेशन ट्रैकिंग और अन्य उन्नत सुविधाओं जैसी कई अन्य सुविधाएं हैं, लेकिन उन्हें तुरंत शामिल नहीं किया जाएगा।