
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे(Photo- IANS)
Mallikarjun Kharge Statement: कर्नाटक में सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 3 जून को डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। वहीं कैबिनेट में कितने मंत्री और डिप्टी सीएम शामिल होंगे, इस पर अभी भी स्थिति साफ नहीं हो पाई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि 'आलाकमान के पास अभी तक मंत्रियों की संख्या को लेकर कोई अंतिम प्रस्ताव नहीं पहुंचा है।' पार्टी अब दो चरणों में मंत्रिमंडल का विस्तार करेगी, इससे साफ है कि शपथ ग्रहण से पहले मंत्रियों के नामों पर चर्चा जारी है।
डीके शिवकुमार को कांग्रेस विधायक दल (CLP) का नेता तो चुन लिया गया है, लेकिन उनके साथ कौन-कौन सत्ता की कमान संभालेगा, इसको लेकर अब दिल्ली से कर्नाटक तक इसकी चर्चाएं चल रही है। इसी बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कलबुर्गी एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 'मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं है।'
जब पत्रकारों ने मल्लिकार्जुन खड़गे से कैबिनेट मंत्रियों और डिप्टी सीएम की संख्या को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने साफ कहा कि 'अभी तक कोई फाइनल लिस्ट तैयार नहीं हुई है। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 'हमें देखना होगा, अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है। जब प्रस्ताव आ जाएगा, तो हम तय करेंगे कि कितने मंत्री और उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने हैं। 3 जून के बाद हमें इस बारे में और जानकारी मिलेगी।'
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी संकेत दिया कि मंत्रियों को शामिल करने की प्रक्रिया एक बार में पूरी नहीं होगी। उन्होंने साफ किया कि सरकार के गठन के तुरंत बाद सभी चेहरे सामने नहीं आएंगे। खड़गे ने कहा कि 'प्रस्ताव अभी तक नहीं आया है यह 8 सदस्यों का होगा या 10 का, यह अभी भी पता नहीं है। जैसे ही हमें यह मिल जाएगा, हम उसी के अनुसार पहले चरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाएंगे। बाकी सदस्यों की नियुक्ति दूसरे चरण में करने की योजना है, शायद पंद्रह दिन या एक महीने बाद।'
अब यह साफ हो चुका है कि 3 जून को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में कुछ नेताओं को ही मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। खड़गे के मुताबिक, पहले चरण में 8 से 10 मंत्रियों को जगह मिल सकती है। इसके ठीक 15 दिन या एक महीने बाद दूसरे चरण का विस्तार होगा, जिसमें बाकी बचे नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया जाएगा।
वहीं, KPCC के नए अध्यक्ष का चुनाव करना भी कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पद खाली हो जाएगा। कांग्रेस एक ऐसे चेहरे की तलाश में है जो आगामी चुनावों में पार्टी को मजबूत बनाए रख सके। मल्लिकार्जून ने कहा कि 'जब डीके शिवकुमार पद छोड़ेंगे, तो किसी न किसी को KPCC अध्यक्ष का पद संभालना ही होगा।
हम सही व्यक्ति की तलाश कर रहे हैं, जिसमें योग्यता और टीम के तालमेल, दोनों बातों का ध्यान रखा जा रहा है। चुनावों में अब सिर्फ 24 महीने बाकी हैं, इसलिए हमें ऐसे व्यक्ति की जरूरत है जो भविष्य के लिए पार्टी को मजबूत बनाने पर ध्यान दे सके। हमें एक ऐसे नेता की तलाश है जो कुशलता से काम करे और सबको साथ लेकर चले, जिससे टीम में एकता की भावना बनी रहे। यह भी जरूरी है कि उनके आस-पास एक सहयोगी टीम हो। हम इन सभी बातों पर विचार कर रहे हैं।'
सिद्धारमैया के इस्तीफे के तुरंत बाद राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने पिछली मंत्रिपरिषद को भंग कर दिया था, हालांकि उन्होंने नई सरकार बनने तक सिद्धारमैया को कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहने के लिए कहा है। इसके बाद शनिवार को डीके शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात कर उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुने जाने का आधिकारिक पत्र सौंप दिया। कांग्रेस के 'ट्रबलशूटर' कहे जाने वाले डीके शिवकुमार ने साफ किया है कि पार्टी पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ कर्नाटक की जनता की सेवा करेगी। अब सबकी नजरें 3 जून को दोपहर 4:05 बजे बेंगलुरु के लोक भवन में होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जहां से कर्नाटक की नई सियासी पारी की शुरुआत होगी।
Published on:
31 May 2026 02:20 pm
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