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‘कांग्रेस सिद्धारमैया को आराम नहीं करने देगी’, शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुनने के बाद केसी वेणुगोपाल ने ऐसा क्यों कहा

Karnataka Leadership Change: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस ने सिद्धारमैया की भूमिका को लेकर बड़ा संकेत दिया है। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी को उनकी सेवाओं की जरूरत राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी रहेगी, जबकि डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया।
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बैंगलोर

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Ashib Khan

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Updated: 31 May 2026, 7:46 AM IST

Karnataka leadership change

डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना गया (Photo-IANS)

Karnataka CM Change: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस ने सिद्धारमैया को लेकर बड़ा बयान दिया है। विधायक दल की बैठक में डीके शिवकुमार को सर्वसम्मति से नेता चुना गया। इसके बाद कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस सिद्धारमैया को आराम नहीं करने देगी। उन्होंने आगे कहा कि उनकी सेवाओं की जरूरत राज्य के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी रहेगी।

‘बीजेपी को दिया करारा जवाब’

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सिद्धारमैया के सच्चे कांग्रेसी दिल ने सभी का दिल जीत लिया है और बीजेपी को करारा जवाब दिया है, जो मान रही थी कि यह सत्ता हस्तांतरण आसान नहीं होगा।

उन्होंने सिद्धारमैया को संबोधित करते हुए कहा कि हम आपको आराम नहीं करने देंगे। कांग्रेस को कर्नाटक और राष्ट्रीय स्तर पर आपकी जरूरत है।

डीके के नेतृत्व में लड़ा जाएगा विधानसभा चुनाव

वहीं, केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि शिवकुमार के नेतृत्व और सिद्धारमैया के मार्गदर्शन में कांग्रेस 2028 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में दोबारा सत्ता में लौटेगी। उन्होंने कहा कि शिवकुमार का मुख्यमंत्री बनना उनकी वर्षों की मेहनत, संगठन के प्रति समर्पण और पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा का परिणाम है।

‘राज्य सभा सीट देने का रखा प्रस्ताव’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान ने नेतृत्व परिवर्तन के दौरान सिद्धारमैया को राज्य सभा सीट और दिल्ली में बड़ी जिम्मेदारी देने का प्रस्ताव रखा था, ताकि 2029 लोकसभा चुनाव से पहले उन्हें पार्टी के प्रमुख ओबीसी चेहरे के रूप में पेश किया जा सके। हालांकि, सिद्धारमैया ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया और कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहने का फैसला किया।

सिद्धारमैया ने रखा था डीके के नाम का प्रस्ताव

बता दें कि CLP बैठक में खुद सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन वरिष्ठ नेता जी परमेश्वर ने किया। इसके बाद विधायकों ने सर्वसम्मति से शिवकुमार को अपना नेता चुन लिया।

बैठक के बाद सिद्धारमैया ने भावुक संदेश जारी कर शिवकुमार को बधाई दी और संविधान तथा देश की धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था की रक्षा के लिए दूसरे स्वतंत्रता संग्राम का आह्वान किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी की हत्या करने वाले अब गोडसे का महिमामंडन कर रहे हैं और देश को जाति व धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश की जा रही है। सिद्धारमैया ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और संविधान की गरिमा की रक्षा के लिए संघर्ष जरूरी है और इस लड़ाई में कर्नाटक की जनता शिवकुमार के साथ खड़ी रहेगी।

सिद्धारमैया ने डीके शिवकुमार की संगठनात्मक क्षमता और कांग्रेस के प्रति उनकी निष्ठा की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शिवकुमार में राज्य के विकास को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक नेतृत्व क्षमता, दूरदृष्टि और दृढ़ता मौजूद है।

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