
विधानसभा चुनाव हारने के बाद राजनीतिक संकट से गुजर रही है टीएमसी (Photo-IANS)
West Bengal TMC Crisis: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस समय अपने राजनीतिक संकट से गुजर रही है। इसके अलावा पार्टी की अदरूनी कलह भी सामने आने लगी है। सांसद काकोली घोष ने नाराजगी जाहिर करते हुए जिलाध्यक्ष से इस्तीफा दे दिया था। इसके अलावा कई नगरपालिकाओं और नगर निगमों में बड़े पैमाने पर इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है। पिछले कुछ दिनों में करीब 100 पार्षद अपने पद छोड़ चुके हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीएम शुभेन्दु अधिकारी की प्रशासनिक समीक्षा बैठक में टीएमसी सांसद काकोली घोष छह विधायकों के साथ शामिल हुईं। इसके बाद प्रदेश में एक बार फिर से अटकलों का दौर शुरू हो गया है।
सांसद काकोली घोष के अलावा इस बैठक में विधायक अनीसुर रहमान बिश्वास, बीना मंडल, मोहम्मद अब्दुल मतीन और बशीरहाट क्षेत्र के तीन और विधायक शामिल थे।
हालांकि सबसे ज्यादा चर्चा सांसद काकोली घोष को लेकर हो रही है, जिन्होंने हाल ही में जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। वहीं अटकलें लगाई जा रही हैं कि सांसद घोष बीजेपी में शामिल हो सकती हैं। इसको लेकर उनके बेटे ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि यह किसी पार्टी में जाने का मामला नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला है।
यह भी अटकलें लगाई जा रही है कि काकोली घोष सांसदी से भी इस्तीफा दे सकती हैं। इस्तीफे के दौरान सांसद ने आईपैक पर गंभीर आरोप लगाए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोलकाता के मेयर और ममता बनर्जी के करीबी माने जाने वाले फिरहाद हकीम ने भी इस्तीफा देने की इच्छा जताई है। हालांकि ममता बनर्जी ने हाल ही में पार्षदों से इस्तीफा न देने की अपील की थी, लेकिन पार्टी में उठापटक लगातार जारी है।
बता दें कि पार्षदों का इस्तीफा देने का सिलसिला तब तेज हुआ जब सीएम शुभेन्दु सरकार ने कहा कि निगर निकायों के पुराने कामकाज की जांच होगी और गड़बड़ी मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। कई नगरपालिकाओं में TMC पार्षद दफ्तर तक जाना बंद कर चुके हैं। शहरी विकास एवं नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जहां पार्षद इस्तीफा दे चुके हैं या संपर्क में नहीं हैं, वहां सरकार प्रशासक नियुक्त कर रही है।
इस बीच तृणमूल के कब्जे वाले कोलकाता नगर निगम (KMC) में भी हालात सामान्य नहीं हैं। हाल ही में KMC ने अभिषेक बनर्जी से जुड़े 17 कथित संपत्तियों को ध्वस्तीकरण नोटिस भेजा, जिसके बाद बीजेपी ने अभिषेक से जुड़ी 43 संपत्तियों की सूची जारी कर दी। इससे मेयर फिरहाद हकीम और अभिषेक बनर्जी के बीच रिश्तों में खटास की चर्चाओं को और हवा मिल गई।
बताया जा रहा है कि ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर फिरहाद हकीम से नाराजगी जताई थी। हालांकि हकीम ने कहा कि उन्हें इन नोटिसों की कोई जानकारी नहीं थी और यह उनके बिना जानकारी के जारी किए गए। अब उनके इस्तीफे की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
Updated on:
27 May 2026 06:57 am
Published on:
27 May 2026 06:56 am
