25 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bengal Politics: क्या TMC छोड़ने वाली हैं ममता बनर्जी की करीबी सांसद काकोली घोष, BJP में जाएंगी?

TMC Crisis: सांसद काकोली घोष ने टीएमसी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का पत्र भेज दिया है। उन्होंने पत्र में बारासात लोकसभा क्षेत्र में पार्टी के खराब प्रदर्शन की नैतिक जिम्मेदारी ली।

2 min read
Google source verification
Trinamool Congress

TMC सांसद काकोली घोष ने जिला अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा (Photo-IANS)

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में अंदरूनी कलह अब खुलकर सामने आने लगी है। वरिष्ठ नेता और बारासात से सांसद काकोली घोष ने पार्टी के संगठनात्मक जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, अब अटकलें लगाई जा रही हैं कि घोष सांसदी से भी इस्तीफा दे सकती हैं और पार्टी भी छोड़ सकती हैं।

I-PAC पर लगाए गंभीर आरोप

TMC सांसद घोष ने जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा देते समय चुनावी रणनीति बनाने वाली कंपनी I-PAC पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस एजेंसी ने पार्टी को बर्बाद कर दिया और कार्यकर्ताओं के बीच अराजकता फैलाई।

क्या सांसदी छोड़ेगी घोष?

इंडियन एक्स्प्रेस ने सांसद के बेटे बैद्यनाथ घोष के हवाले से कहा कि उनकी मां टीएमसी महिला विंग के पद से भी इस्तीफा दे चुकी हैं और वह सांसद पद छोड़ने पर भी विचार कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से जुड़े भ्रष्टाचार और घोटालों का असर उनके परिवार की छवि पर भी पड़ा है।

बैद्यनाथ ने कहा कि बारासात लोकसभा क्षेत्र की सात विधानसभा सीटों में से टीएमसी छह हार गई। नौकरी घोटाला, राशन घोटाला और आरजी कर अस्पताल जैसी घटनाओं ने लोगों का भरोसा तोड़ा है। मेरी मां अब भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर खड़ी हो रही हैं।

क्या बीजेपी में होंगी शामिल?

हालांकि, बीजेपी में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह किसी पार्टी में जाने का मामला नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला है।

ममता बनर्जी से की अपील

सांसद काकोली घोष ने टीएमसी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का पत्र भेज दिया है। उन्होंने पत्र में बारासात लोकसभा क्षेत्र में पार्टी के खराब प्रदर्शन की नैतिक जिम्मेदारी ली। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी से अपील की कि पार्टी को बाहरी सलाहकारों के बजाय पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं पर भरोसा करना चाहिए।

मीडिया से बातचीत करते हुए, उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के पतन की जड़ में कोई है, तो वह I-PAC है। उन्होंने सब कुछ खत्म कर दिया। 22-23 साल के लड़के-लड़कियां हमें निर्देश देते थे कि क्या करना है। मैं 40-45 साल से राजनीति में हूं, लेकिन इन सलाहकारों ने कार्यकर्ताओं को परेशान किया।