
Dawood Gang Terror Module Exposed (AI Image)
Dawood-ISI Nexus: दिल्ली-मुंबई को दहलाने की आतंकी साजिश का भंडाफोड़ करने वाली दिल्ली पुलिस को गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और खुफिया जानकारी के आधार पर कई चौंकाने वाले सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और दाऊद इब्राहिम गैंग से जुड़े इस मॉड्यूल के तार कई देशों तक फैले हुए हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार भारत में आतंकी हमलों की साजिश के लिए दाऊद नेटवर्क और ISI ने पुराना पैटर्न अपनाया था। आतंकियों और अपराधियों के बीच संपर्क थाईलैंड में बना, उन्हें तैयार करने में ISI की भूमिका रही, नेपाल के जरिए लॉजिस्टिक सपोर्ट और शूटर तैयार किए गए, जबकि राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से नए युवाओं और शूटरों की भर्ती की योजना बनाई गई थी।
जांच में सामने आया है कि नेपाली नागरिक आंग कामी लामा वर्ष 2001 से 2018 तक ड्रग तस्करी के एक मामले में थाईलैंड की जेल में बंद रहा था। इसी जेल में दाऊद इब्राहिम का करीबी गुर्गा पाकिस्तानी नागरिक मोहम्मद सलीम उर्फ मुन्ना झिंगाड़ा और एजाज रसूल भी सजा काट रहे थे।
यहीं पर लामा और मुन्ना झिंगाड़ा की दोस्ती हुई, जो बाद में इस आतंकी मॉड्यूल की अहम कड़ी बन गई। जेल से बाहर आने के बाद मुन्ना झिंगाड़ा दाऊद के इशारे पर दुबई और पाकिस्तान से आतंकी गतिविधियों को संचालित करने लगा।
सूत्रों के मुताबिक इस मॉड्यूल में मुन्ना झिंगाड़ा के साथ शहजाद भट्टी और ISI के हैंडलर भी सक्रिय थे। इन्हीं के निर्देश पर नेपाली नागरिक लामा को भारत में सक्रिय मॉड्यूल के लिए धन, हथियार और सूचनाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई। जांच एजेंसियों का दावा है कि लामा ने कुछ युवाओं और शूटरों की भर्ती में भी भूमिका निभाई थी।
दिल्ली पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि विजय उर्फ शूटर को राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में नए युवाओं तथा शूटरों की भर्ती का काम सौंपा गया था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि किन-किन लोगों से संपर्क किया गया था और इस नेटवर्क का विस्तार कितना बड़ा था।
अधिकारियों का मानना है कि दाऊद गिरोह एक बार फिर अपने पुराने तरीके पर लौट आया है। गिरोह कम उम्र के युवाओं को अपराध की दुनिया में धकेलकर उन्हें आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है।
लॉजिस्टिक हैंडलर के रूप में सामने आए नेपाली नागरिक लामा को छोड़ दें तो गिरफ्तार किए गए अधिकांश युवकों की उम्र 30 वर्ष से कम बताई जा रही है। भर्ती में शामिल विजय उर्फ शूटर की उम्र भी महज 23 वर्ष है।
जांच एजेंसियों का मानना है कि हालिया गिरफ्तारियों से इस पूरे नेटवर्क के कई और अहम सुराग सामने आ सकते हैं। फिलहाल दाऊद गैंग, ISI और सीमा पार बैठे हैंडलरों की भूमिका की गहन जांच जारी है।
Updated on:
31 May 2026 03:17 am
Published on:
31 May 2026 03:17 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
