राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) के आंकड़ों के अनुसार, देश में अंगदान Organ Donation के संकल्प के मामले में कर्नाटक चौथे स्थान पर है।
-अस्पताल निरीक्षण समिति गठित
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने अंगदान व प्रत्यारोपण Organ Transplant प्रक्रिया को सुगम बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। तमिलनाडु और केरल की तर्ज पर विभाग ने अंग प्रत्यारोपण और अंग पुनर्प्राप्ति (रिट्रीवल) सेवाएं प्रदान करने वाले अस्पतालों के पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए एक नई निरीक्षण समिति का गठन किया है।
समिति में बेंगलूरु मेडिकल कॉलेज एवं अनुसंधान संस्थान, विक्टोरिया अस्पताल, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विज्ञान एवं अंग प्रत्यारोपण संस्थान, तथा जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्कुलर साइंसेस के विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं। राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के कार्यक्रम अधिकारियों को भी समिति में शामिल किया गया है।
इनकी जिम्मेदारियों में अस्पताल के बुनियादी ढांचे जैसे आइसीयू और ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण करना, वैधानिक लाइसेंस और दस्तावेजों का सत्यापन करना, प्रत्यारोपण टीम की योग्यता और अनुभव का आकलन करना, और चिकित्सा उपकरणों और सहायता प्रणालियों की समीक्षा करना शामिल है।
कर्नाटक चौथे स्थान पर
राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन NOTTO (एनओटीटीओ) के आंकड़ों के अनुसार, देश में अंगदान Organ Donation के संकल्प के मामले में कर्नाटक चौथे स्थान पर है। कर्नाटक Karnataka में 17 अप्रेल तक 35,920 लोगों ने अंगदान की शपथ ली है। इनमें 8,423 दाता 18-30 वर्ष के हैं, जबकि 30-45 वर्ष के 16,045 लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया है। आंकड़ों के अनुसार, अंगदान के संकल्प मामले में महिलाएं पुरुषों से आगे है। कुल 35,920 पंजीकरणों में महिलाओं की संख्या 18,600 से ज्यादा है। इस वर्ष अब तक राज्य में 65 से ज्यादा अंगदान हुए हैं।