
सरकार और संस्थान के बीच करार पर हस्ताक्षर
22 करोड़ की मदद देगा फाउंडेशन
बेंगलूरु. उपमुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर ने कहा है कि इंफोसिस फाउंडेशन सीआईडी के साइबर अपराध विभाग को प्रशिक्षण और अनुसंधान केंद्र (साइबर लैब) के लिए 22 करोड़ रुपए देगा। उन्होंने बुधवार को विधान सौधा में इंफोसिस फाउंडेशन और सरकार के बीच साइबर अपराध प्रशिक्षण और अनुसंधान केंद्र की स्थापना को लेकर हुए करार पर हस्ताक्षर बाद कहा कि 22 करोड़ रुपए पांच साल तक लिए खर्च किए जाएंगे।
इस अत्याधुनिक केंद्र में साइबर अपराध मामलों की जांच के लिए प्रशिक्षण मिलेगा। इंफोसिस के कुछ इंजीनियर इस केंद्र का नियमित दौराा करेंगे। बेंगलूरु में सबसे अधिक साइबर अपराध की वारदातें हो रही हैं। हर दिन 17 मामले दर्ज हो रहे हैं। उनमें कई मामलों की गुत्थी सुलझाने में पुलिस विफल रही है। इस केंद्र की सहायता से मामले सुलझने की दर तेज होगी।
सरकार हर जिले में साइबर पुलिस थाना स्थापित कर रही है। मेंगलूरु, मैसूरु, बेलगावी और हुब्बली में साइबर पुलिस थानों का निर्माण जारी है। अगले एक साल में सभी जिलों में ऐसे थाने होंगे। इंफोसिस फाउंडेशन सालों से पुलिस विभाग की सहायता करता आ रहा है। सरकार अकेले कुछ नहीं कर सकती। इसके लिए निगमित क्षेत्र से अधिक आर्थिक सहायता की जरूरत है।
इस बार के बजट में पुलिस विभाग को अपेक्षा से अधिक अनुदान नहीं मिला है। पुलिस को प्रदेश में कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिक प्रोत्साहन करने की जरूरत है। कर्नाटक पुलिस देश के लिए एक आदर्श स्थापित करने के उद्देश्य से कई नवाचार कर रही है। साइबर अपराध से संंबंधित प्रशिक्षण के लिए जरूरत हुई तो विदेश से भी विशषज्ञों की सहायता ली जाएगी।
इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्ष सुधा मूर्ति ने कहा कि हमारा संस्थान समाज के विकास और सुधार के लिए कार्यरत है। केवल सरकार पर निर्भर होना ठीक नहीं। हर एक व्यक्ति को अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के बाद कुछ हिस्सा समाज के लिए खर्च करना होगा। अगर निगमित क्षेत्र और अन्य संस्थानों ने एकजुट होकर काम किया तो देश में कोई समस्या नहीं रहेगी। इस अवसर पर पुलिस महा निदेशक नीलमणि ए.राजू, सीआइडी पुलिस महा निदेशक प्रवीण सूद और अन्य कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।