राष्ट्रपति पुलिस पदक
बेंगलूरु. पिछले पांच वर्षों के दौरान शराब पीकर नशे में वाहन चलाने वाले 6 8 0 चालकों को पकडऩे वाले सहायक पुलिस उप-निरीक्षक वेंकटेश को इस बार प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा। गृह मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को पदक विजेताओं की सूची जारी की गई जिसमें अपना नाम पाकर वेंकटेश अभिभूत हो उठे। उन्होंने इस सम्मान को अपने परिवार के सदस्यों और साथियों को समर्पित किया।
वेंकटेश ने कहा कि शराब पीकर वाहन चलाना अपराध है लेकिन लोग इसे नजरअंदाज कर दूसरों को और खुद अपने आपको खतरे में डाल रहे हैं। यातायात पुलिस उन शराब पीकर वाहन चलाने वालों को पकड़कर लोगों की जान बचाते हैं। वेंकटेश चिकपेट और उप्पारपेट इलाके में ड्यूटी करते रहे हैं जो अत्यंत भीड़-भाड़ वाला इलाका है और यहां काफी ट्रैफिक होती है। वर्ष 2000 में उप्पारपेट में ड्यूटी करते वक्त नशे में वाहन चलाने वालों को पकडऩे के साथ ही उन्हें दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त सबूत भी उपलब्ध कराया था जिसकी सराहना मजिस्ट्रेट ने की थी। वे विशेष शाखा और खुफिया विभाग में भी काम कर चुके हैं। वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री आवास के सामने जहर खाने वाले एक किसान की जान भी बचाई थी।
बसवनगुड़ी में भी उन्होंने नशे में वाहन चलाने वालों और यातायात का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी। वर्ष 2018 में 25 वें सत्र न्यायाधीश सदानंद एम दोड्डामनी ने उनके काम के लिए एक प्रशंसा पत्र जारी किया था। वर्ष 2019 में वेंकटेश ने यातायात उल्लंघन करने वालों से 1.3 लाख रुपए जुर्माना वसूलने में अहम भूमिका निभाई। वेंकटेश के सहयोगियों ने कहा कि वह गरीब बच्चों के लिए स्कूल बैग, यूनिफार्म और किताबें आदि खरीदने के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च करते थे।