
Bengaluru Central Jail News : क्या हमारे देश की जेलों में बड़े और रसूखदार लोगों के लिए नियम बदल जाते हैं? बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल से आया नया मामला तो कम से कम यही कह रहा है। गंभीर अश्लील वीडियो और यौन उत्पीड़न के केस में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास से जेल के अंदर एक एंड्रॉयड फोन मिला है। सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की अचानक पड़ी रेड में यह बात सामने आई, जिसके बाद जेल प्रशासन से लेकर राजनीति तक में खलबली मच गई है।
दरअसल, मंगलवार की दोपहर CCB की खास टीम ने जब जेल की बैरकों में अचानक चेकिंग शुरू की, तो पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना रंगे हाथों पकड़े गए। पुलिस ने सीधे उनके पास से ही एक स्मार्टफोन जब्त किया। उनके अलावा प्रताप राय नाम के एक और कैदी के पास से भी मोबाइल बरामद हुआ है।
तीन-स्तरीय कड़ी सुरक्षा वाली जेल में स्मार्टफोन का पहुंच जाना कोई छोटी-मोटी बात नहीं है। मामला तूल पकड़ते ही डीजीपी (जेल) आलोक कुमार ने सख्त कदम उठाया। शुरुआती जांच के आधार पर असिस्टेंट जेल सुपरिटेंडेंट को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया, वहीं जेल के बड़े साहब (एसपी) को 'कारण बताओ' नोटिस थमाकर जवाब मांगा गया है। दोनों कैदियों के खिलाफ 'प्रिजन्स एक्ट' की धारा 42 के तहत नया केस भी ठोक दिया गया है।
जेल के अंदर से 'VIP ट्रीटमेंट' की खबर फैलते ही नेताओं की बयानबाज़ी शुरू हो गई। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि प्रज्वल रेवन्ना अपने परिवार और राजनीति की पावर का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि कानून की नजर में सब बराबर हैं और जिस किसी ने भी जेल में फोन पहुंचाने में मदद की है, उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
आपको बता दें कि प्रज्वल रेवन्ना पर 70 से ज्यादा पेन ड्राइव में अश्लील वीडियो फैलाने और महिलाओं के शोषण के बेहद संगीन आरोप हैं। इस केस की जांच कर रही SIT ने अदालत में करीब 13,712 पन्नों की लंबी-चौड़ी चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें 277 गवाह शामिल हैं।
फिलहाल पुलिस जेल के सारे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि कड़े पहरे के बावजूद फोन बैरक तक किसने पहुंचाया। साथ ही, फोन की कॉल डिटेल निकाली जा रही है कि रेवन्ना जेल के अंदर बैठकर बाहर किन-किन लोगों से बातें कर रहे थे।