
बेंगलूरु. सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अगले दो-तीन दिनों में आरोपपत्र दाखिल करने का फैसला लिया है। एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शहर के पहले अतिरिक्त मेट्रोपालिटन न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा। लगभग 300 पन्ने का आरोप पत्र तैयार हुआ है। बीते साल 5 सितम्बर को राज राजेश्वरी नगर में गौरी लंकेश की गोली मार कर हत्या हुई थी। आरोपियों का सुराग लगाने के लिए सरकार ने एसआईटी गठित किया था। 2 मार्च को मेजेस्टिक क्षेत्र में पिस्तौल बेचने का प्रयास कर रहे मंड्या जिले के मद्दूर निवासी के.टी. नवीन कुमार को केन्द्रीय अपराध जांच शाखा (सीसीबी) ने गिरफ्तार किया था। एसआईटी अधिकारियों ने नवीन कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
माना जा रहा है कि गौरी लंकेश की हत्या की गुत्थी सुलझाने में नवीन कुमार प्रमुख सूत्र है। अन्य एक आरोपी के बारे में नवीन कुमार पूरी जानकारी रखता है। दूसरे आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है। गौरी लंकेश की हत्या करने के लिए सटीक निशाना लगाने वाले आरोपियों का इस्तेमाल किया गया है। गोली चलाने वाले आरोपियों को नवीन कुमार ने गौरी लंकेश की विस्तृत जानकारी
दी थी।
भटकाने का प्रयास
नवीन कुमार ने पूछताछ के दौरान कई तरह के बयान देकर पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया है। आरोपी के मोबाइल फोन नंबर, आरोपी और नवीन कुमार की बातें, नेटवर्क की जानकारी, हत्या के लिए इस्तेमाल की गई पिस्तौल, 15 कारतूस समेत कई चीजों को सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा। आरोपपत्र दाखिल करने के बाद भी जांच जारी रहेगी।
आत्महत्या की धमकी
एसआईटी द्वारा न्यायालय में नवीन कुमार का नार्को टेस्ट कराने की मंजूरी लेकर उसे अहमदाबाद की विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) ले जाया गया। उसने टेस्ट के दौरान धमकी दी कि उसका नार्को टेस्ट लिया गया तो वह आत्महत्या कर लेगा। विशेषज्ञों ने नवीन कुमार का टेस्ट लेने से इनकार किया। उसका बर्ताव और बयान देने से इनकार से संबंधित विशषेज्ञों का बयान लिया है।