
अखिल भारतीय लोकतांत्रिक छात्र संगठन (एआइडीएसओ) ने मैसूरु के बाद गुरुवार को शहर के फ्रीडम पार्क में भी विरोध प्रदर्शन किया। राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एनआरआइ कोटा समाप्त करने की मांग की। बाद में विकास सौधा पहुंचकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव मोहम्मद मोहसिन को ज्ञापन सौंपा।
एआइडीएसओ के राज्य कोषाध्यक्ष सुभाष बी.जे. ने कहा, सरकार 15 फीसदी एनआरआइ कोटा लागू करके, सरकारी मेडिकल कॉलेजों का खुलेआम व्यवसायीकरण कर रही है। अमीर छात्र प्रतिवर्ष 25 लाख रुपए का भुगतान कर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश लेंगे। ऐसी व्यवस्था सफेद कोट वाले व्यवसायी पैदा करेगी।
एआइडीएसओ की जिला अध्यक्ष अपूर्वा सी.एम. ने कहा, कर्नाटक के 24 सरकारी मेडिकल कॉलेज में लगभग 4,000 एमबीबीएस सीटें हैं। नए कोटे के साथ, लगभग 600 सीटें सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले को बेची जाएंगी। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पहले से ही 12,447 से ज्यादा शिक्षक पद रिक्त हैं। जरूरत के हिसाब से रिक्तियों को भरने और और ज्यादा सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने के बजाय, सरकार मौजूदा सरकारी सीटों की नीलामी कर रही है। यह न केवल सार्वजनिक शिक्षा पर हमला है, बल्कि एक वर्गीय नीति है जो गरीब, मध्यम वर्ग, मेहनती और मेधावी छात्रों के खिलाफ है।