बैंगलोर

हाथी के हमले में पीयूसी छात्रा की मौत

• •
Updated: 2 Mar 2026, 5:34 PM IST
नाबालिग की मौत से मचा हड़कंप (photo source- Patrika) नाबालिग की मौत से मचा हड़कंप (photo source- Patrika)
नाबालिग की मौत से मचा हड़कंप (photo source- Patrika)

कोडुगू जिले के मडिकेरी तालुक के बेट्टाथुरु गांव में शनिवार शाम जंगली हाथी के हमले Elephant Attack में 17 वर्षीय प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज (पीयूसी) की छात्रा PUC Student की मौत हो गई।

गंभीर रूप से घायल

मृतका की पहचान पूजा (17) के रूप में हुई है। वह मडिकेरी स्थित सेंट माइकल्स कॉलेज की छात्रा थी। स्थानीय निवासियों के अनुसार, पूजा बस से अपने गांव लौट रही थी और अपने स्टॉप पर उतरने के बाद घर की ओर पैदल जा रही थी। उसका घर जंगल की सीमा से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसी दौरान अचानक एक जंगली हाथी वहां आ गया और उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया

घटना के तुरंत बाद उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। गांव के लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में जंगली हाथियों की लगातार आवाजाही के बारे में वन विभाग को कई बार सूचना दी गई थी। इसके बावजूद ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त एहतियाती कदम नहीं उठाए गए।

कई किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम

इस घटना के बाद जोरदार विरोध प्रदर्शन हुए। गांव वाले, किसान संगठन और भाजपा कार्यकर्ता मदीनाडू पहुंचे और मैसूरु-बंतवाल नेशनल हाईवे 275 को जाम कर दिया, और सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की। गाड़ियों की आवाजाही दो घंटे से ज्यादा समय तक रुकी रही, और कई किलोमीटर तक ट्रैफिक जाम रहा।

20 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान

मडिकेरी जिला वन अधिकारी अभिषेक ने पूजा के परिवार से अस्पताल में मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि उसे मारने वाले हाथी को पकडऩे की कोशिश की जाएगी। सरकार ने पूजा के परिवार के लिए 20 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया।


वन विभाग के डेटा के मुताबिक, पिछले पांच वर्ष में कर्नाटक में जंगली जानवरों के हमलों में 254 लोगों की मौत हुई है। 2024-25 में 42 मौतें हुईं। करीब 70 प्रतिशत मौतें बाघ, हाथी और तेंदुए के हमलों की वजह से हुई हैं।

Updated on:
2 Mar 2026, 5:34 PM IST
Published on: