कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य में कांगे्रस और जद-एस गठबंधन सरकार के कामकाज के सुचारु संचालन के लिए मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया है।
बेंगलूरु. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्य में कांगे्रस और जद-एस गठबंधन सरकार के कामकाज के सुचारु संचालन के लिए मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया है।
दिल्ली प्रवास पर गए कुमारस्वामी ने सोमवार सुबह दिल्ली के तुगलक रोड स्थित राहुल के आवास पर पहुंचे और उनसे करीब आधे घंटे तक राज्य से जुड़े मसलों पर चर्चा की। बताया जाता है कि कुमारस्वामी ने राज्य के प्रस्तावित पूर्ण बजट, कृषि ऋण माफी सहित अन्य मसलों पर राहुल ेके साथ चर्चा की।
कुमारस्वामी जुलाई में नए सिरे से राज्य का बजट पेश करने की घोषणा कर चुके हैं लेकिन प्रदेश कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या इसका विरोध कर चुके हैं। सिद्धरामय्या का कहना है कि वे राज्य का पूर्ण बजट चुनाव से पहले पेश कर चुके थे लिहाजा अब कुमारस्वामी को सिर्फ पूरक बजट पेश करना चाहिए जबकि कुमारस्वामी का कहना है कि सिद्धरामय्या ने सिर्फ ४ महीने के लिए लेखानुदान ही पारित कराया था।
बताया जाता है कि राहुल ने कुमारस्वामी के नया बजट पेश करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई। साथ ही कांग्रेस सरकार के समय घोषित लोकप्रिय कार्यक्रमों को भी जारी रखने के लिए कहा। बाद में पत्रकारों से बातचीत में कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने ऋण माफी सहित विभिन्न पहलुओं पर राहुल से चर्चा की।
कुमारस्वामी ने कहा कि राहुल से उनकी मुलाकात सिर्फ शिष्टाचार भेंट थी और उन्होंने कांग्रेस को जन्म दिवस पर बधाई भी दी। कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने राहुल से सरकार चलाने के लिए मदद मांगी और उन्होंने बेहतर तरीके से कामकाज और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूर्ण सहयोग का वादा किया।
ऋण माफी के मसले पर भी राहुल ने किसानों के हितों को लेकर चिंता जताई और इस दिशा में यथा संभव कदम उठाने का सुझाव दिया। कुमारस्वाीम ने कहा कि राहुल ने बेहतर शासन के लिए कुछ सुझाव भी दिए। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर उपजे अंसतोष पर चर्चा हुई, कुमारस्वामी ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक मसला है।
मैंने राहुल से कहा कि वे अपने विधायकों और प्रदेश के नेताओं से बात कर असंतोष दूर करने के लिए कदम उठाएं। हालांकि, कांग्रेस कोटे के ६ रिक्त मंत्री पदों को भरने को लेकर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। राजनीतिक हलकों में चर्चा थी कि कांग्रेस वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी दूर करने के लिए चार मंत्री पदों को भरने पर सोमवार को राहुल-कुमारस्वामी मुलाकात के दौरान निर्णय ले सकती है।