बैंगलोर

रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य के पास भी होगा खुद का तितली पार्क

रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य को दो साल पहले रामसर साइट घोषित किया गया था। यह कर्नाटक का पहला और एकमात्र रामसर साइट भी है।
less than 1 minute read
Nov 26, 2024
Feature image

बेंगलूरु के बन्नेरघट्टा जैविक उद्यान की तरह मैसूरु के निकट रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य के पास भी खुद का तितली पार्क होगा। वन, जैव विविधता और पर्यावरण मंत्री ईश्वर बी. खंड्रे ने सोमवार को पार्क विकसित करने के निर्देश दिए।

रंगनाथिट्टू पक्षी अभयारण्य को दो साल पहले रामसर साइट घोषित किया गया था। यह कर्नाटक का पहला और एकमात्र रामसर साइट भी है। अभयारण्य में पक्षियों को देखने के लिए तीन नई नावों को हरी झंडी दिखाने के बाद मंत्री ने वन अधिकारियों के साथ बैठक की और अभयारण्य में आने वाले पर्यटकों के लिए सभी आवश्यक और बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने पर जोर दिया।

नौकाओं का नाम कावेरी, हेमावती, तुंगा, कृष्णा और लक्ष्मण तीर्थ रखने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंत्री ने तीन नई नौकाओं का नाम मंजरा, गोदावरी और करंजा रखने का सुझाव दिया।

ऑनलाइन टिकटिंग

मंत्री ने अभयारण्य में प्रवेश टिकट और बोटिंग के लिए ऑनलाइन टिकटिंग शुरू करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि ट्रैकिंग और सफारी के लिए जो ऑनलाइन टिकटिंग प्रणाली मौजूद है, वही प्रणाली रंगनाथिट्टू अभयारण्य में भी लागू की जा सकती है।

गेंडे होसाहल्ली द्वीप विकास

मंत्री ने वन अधिकारियों को गेंडे होसाहल्ली द्वीप के विकास के लिए एक प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए कहा। उनके अनुसार रंगनाथिट्टू की तरह गेंडे होसाहल्ली द्वीप को भी विकसित किया जा सकता है क्योंकि यह स्थान भी हजारों प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करता है।मंत्री बाद में नौका विहार पर गए और पक्षियों को देखा। इस दौरान उन्हें नदी के किनारे एक चट्टान पर आराम कर रहा एक विशाल मगरमच्छ भी नजर आया।

Updated on:
26 Nov 2024 08:08 pm
Published on:
26 Nov 2024 08:08 pm