तेयुप अध्यक्ष मुकेश गुगलिया ने कहा कि तपस्या आत्म कल्याण की भावना से करनी चाहिए
मैसूरु. तेरापंथ भवन में साध्वी लब्धिश्री आदि ठाणा-3 के सान्निध्य में तपस्वी दीपक बोथरा की अठाई तप प्रत्याख्यान का समारोह आयोजित किया गया। साध्वी ने कहा कि जन्म-जन्मों के संचित कर्मों की तपस्या की प्रेरणा द्वारा निर्जरा की जा सकती है। प्रेरणा त्याग के लिए देनी पड़ती है। बोथरा परिवार ने गीतिका प्रस्तुत की। तेयुप अध्यक्ष मुकेश गुगलिया ने कहा कि तपस्या आत्म कल्याण की भावना से करनी चाहिए। छतर सिंह मालू ने स्वरचित गीतिका पेश की। मंत्री विनोद बुरड़ ने मुनि भूपेंद्र कुमार के संदेश का वाचन किया। तपस्वी दीपक का सभा द्वारा सम्मान किया गया। सभा अध्यक्ष महेंद्र नाहर सहित अन्य पदाधिकारी व श्रावकजन उपस्थित थे।
शत्रुओं पर विजय पाने को मन पर नियंत्रण जरूरी
बेंगलूरु. श्रीरामपुरम जैन स्थानक में साध्वी दिव्य ज्योति ने कहा कि परमात्मा प्रभु महावीर ने संदेश दिया कि जो एक को जीत लेता है वह पांच को जीत लेता है। वास्तव में हमें आत्म शत्रुओं को समाप्त करना है तो मुख्य पावर हाउस पर विजय प्राप्त करना होगा, हमारा मन मेन पावर हाउस है, मन के दो भेद द्रव्य मन और भाव मन है। भावमन आत्मा है। जिसने भाव मन को कंट्रोल में कर लिया, तो द्रव्यमान के सहारे चल रही इन्द्रिय अपने आप कंट्रोल में आ जाएंगी। साध्वी अमित सुधा ने श्रावक जीवन का महत्व बताते हुए कहा कि श्रावक का आचार, व्यवहार कैसा हो, त्याग मर्यादामय जीवन जिसका है वही श्रावक है।
रूपमुनि को सीरवी समाज की श्रद्धांजलि
मैसूरु. यहां केआरएस रोड स्थित सीरवी समाज भवन में मंगलवार को समस्त सीरवी समाज की ओर से राष्ट्रसंत शेर ए राजस्थान रूपमुनि की गुणानुवाद सभा हुई। समाज के अध्यक्ष मोटाराम सोलंकी, सीरवी समाज केआर एस रोड के संस्थापक सुराराम सोलंकी, कर्नाटक सीरवी समाज के अध्यक्ष दुर्गाराम पंवार, गैर मंडल के अध्यक्ष मोहनलाल सोलंकी, आईजी सेवा संघ के अध्यक्ष त्रिलोकराम परिहार, संघ के सचिव रूपाराम राठौड़ आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।