वन मंत्री ईश्वर बी. खंड्रे ने घोषणा की है कि बंडीपुर राष्ट्रीय उद्यान Bandipur National Park और नागरहोले टाइगर रिजर्व Nagarhole Tiger Reserve में बहुप्रतीक्षित सफारी सेवाएं चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू की जाएंगी। यह निर्णय उस समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है, जिसने बुधवार को अपनी रिपोर्ट मंत्री को सौंपी। समय […]
वन मंत्री ईश्वर बी. खंड्रे ने घोषणा की है कि बंडीपुर राष्ट्रीय उद्यान Bandipur National Park और नागरहोले टाइगर रिजर्व Nagarhole Tiger Reserve में बहुप्रतीक्षित सफारी सेवाएं चरणबद्ध तरीके से फिर शुरू की जाएंगी। यह निर्णय उस समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है, जिसने बुधवार को अपनी रिपोर्ट मंत्री को सौंपी।
वन मंत्री ने बताया कि सफारी Safari की संख्या और वाहनों की संख्या घटाई जाएगी तथा अवधि भी कम की जाएगी। उदाहरण के लिए, बंडीपुर में जहां पहले प्रतिदिन कुल आठ घंटे सफारी चलती थी, अब इसे घटाकर पांच घंटे कर दिया जाएगा। प्रारंभिक चरण में सुंकदकट्टे में छह घंटे और नागरहोले में चार घंटे सफारी संचालित की जाएगी। दोनों राष्ट्रीय उद्यानों में मानव-वन्यजीव संघर्ष और बाघ हमलों की कई घटनाओं के बाद सफारी गतिविधियों को निलंबित कर दिया गया था। अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक की अध्यक्षता में गठित समिति का एक प्रमुख उद्देश्य दोनों पार्कों की इको-टूरिज्म वहन क्षमता का वैज्ञानिक आकलन करना था।
सरकार पर सफारी फिर शुरू करने का दबाव भी था, क्योंकि मैसूरु जिले के एचडी कोटे क्षेत्र सहित हजारों स्थानीय लोगों ने विरोध जताया था कि सफारी बंद होने से उनकी आजीविका प्रभावित हुई है।