
बेंगलूरु. कर्नाटक राज्य मादिगा संगठन महासभा ने 101 अनुसूचित जातियों में आरक्षण को चार समूहों में पुन: वर्गीकरण करने के बारे में सदाशिव आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार कर केंद्र सरकार से सिफारिश करने की मांग को लेकर 2 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय किया है।
महासभा के नेता अम्बण्णा अरोलीकर ने शुक्रवार को यहां कहा कि आयोग की सिफारिशें लागू करने की मांग को पर 2 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। इसके बाद 12 अक्टूबर को जिला प्रभारी मंत्रियों के घर के सामने धरना दिया जाएगा।
17 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के आवासीय कार्यालय के सामने धरना होगा। 22 अक्टूबर को बेंगलूरु बंद का आह्वान किया जाएगा और 23 अक्टूबर से मांगें पूरी होने तक भूख हड़ताल की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह पिछड़े वर्ग को प्रवर्ग 1,2,3 में विभाजित किया गया है ठीक उसी तरह अनुसूचित जातियों को भी श्रेणियों में विभाजित कर अंदरूनी आरक्षण तय किया जाए ताकि अब तक के लाभ से वंचित मादिगा समुदाय सहित अन्य जातियों को उनका हक मिल सके।
न्यायाधीश ए.जे. सदाशिव ने भाजपा सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री डी.वी. सदानंद गौड़ा को रिपोर्ट दी थी। उन्होंने सभी अनुसूचित जातियों को चार प्रवर्गों में विभाजित करने की सिफारिश की थी ताकि अनुसूचित जातियों को दिए जा रहे 15 फीसदी आरक्षण का इन समुदायों के बीच समान रूप से बंटवारा किया जा सके। दिए जाने की सिफारिश की थी।
आयोग ने अनुसूचित जातियों के 96.60 लाख लोगों की सामाजिक आर्थिक तथा शैक्षणिक विकास का घर-घर जाकर सर्वे करने के बाद राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट पेश की थी। बाएं वर्ग में आने वाले मादिगा समुदाय की अजा वर्ग की कुल जनसंख्या मे 33.47 प्रतिशत भागीदारी है लेकिन यह समुदाय आरक्षण की समुचित सुविधा पाने से वंचित रहा है।
प्रो. अखिलेश को गुसी शांति पुरस्कार
बेंगलूरु. भारतीय विज्ञान संस्थान में वरिष्ठ फैलो प्रो. के. बी. अखिलेश को 2018 का प्रतिष्ठित गुसी शांति पुरस्कार मिला है। फिलीपींस में 28 नवम्बर को उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। फिलीपींस और अंतरराष्ट्रीय समिति ने उन्हें लोक कल्याण के लिए शिक्षा आधारित शांतिपूर्ण समाधान विकसित करने के क्षेत्र में दिए गए महत्वपूर्ण योगदानों के लिए चुना है।