उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उन आरोपों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने संविधान संशोधन की मांग की है। उन्होंने भाजपा पर उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे।
बेंगलूरु. उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उन आरोपों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने संविधान संशोधन की मांग की है। उन्होंने भाजपा पर उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने और गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे।
शिवकुमार ने सोमवार को सदाशिवनगर में अपने आवास के बाहर मीडिया के सामने स्पष्ट किया, मैंने कभी नहीं कहा कि संविधान में बदलाव किया जाना चाहिए। भाजपा मेरे बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। संविधान की रक्षा करना हमारी पार्टी का मौलिक अधिकार है।
उन्होंने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा, उनका काम लोगों को गुमराह करना और झूठा प्रचार करना है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की तुलना में मैं अधिक समझदार राजनीतिज्ञ हूं। मैं 36 साल से विधायक हूं और एक राष्ट्रीय पार्टी के नेता के तौर पर मैं संविधान को अच्छी तरह समझता हूं। वे मेरा नाम जिस तरह चाहें ले सकते हैं, लेकिन मैं पीछे नहीं हटूंगा।
शिवकुमार ने जेपी नड्डा के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव दायर करने के अपने फैसले की भी घोषणा की, उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा, मेरे पास सामान्य ज्ञान है। मैंने केवल इतना कहा है कि संविधान में पहले भी कई बार संशोधन किया गया है, लेकिन मैंने कभी नहीं कहा कि इसे अब बदला जाना चाहिए। भाजपा मेरी बातों को गलत तरीके से पेश कर रही है और झूठ फैला रही है।
उन्होंने भाजपा पर उनके नाम का दुरुपयोग करने, देश को गुमराह करने और फर्जी खबरें बनाने में माहिर होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, कई राज्यों ने आरक्षण के मुद्दों को लेकर अदालतों का दरवाजा खटखटाया है। भाजपा तब तक संतुष्ट नहीं होती जब तक वे गांधी परिवार को अपने आख्यानों में नहीं घसीटते। मैं आवश्यक कानूनी कार्रवाई करूंगा। उनके आरोप पूरी तरह से झूठे हैं।