मुझे नहीं पता कि किस आधार पर यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है। शायद आप भी ऐसा ही महसूस करते होंगे। मेरे हिसाब से, यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं बनता क्योंकि मुआवजा देने के लिए जगह दी गई थी। तो, यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला कैसे हो सकता है?"
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) का मामला दर्ज करने पर सवाल उठाया और कहा कि मुडा का मामला इसके प्रावधानों के अंतर्गत नहीं आता।
सिद्धरामय्या ने यहां संवाददाताओं से कहा, मुझे नहीं पता कि किस आधार पर यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है। शायद आप भी ऐसा ही महसूस करते होंगे। मेरे हिसाब से, यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला नहीं बनता क्योंकि मुआवजा देने के लिए जगह दी गई थी। तो, यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला कैसे हो सकता है?"
सोमवार को ईडी ने मुडा (मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण) द्वारा उनकी पत्नी को 14 जगह आवंटित करने में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बराबर प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) दर्ज की। ईडी ने ईसीआईआर में मुख्यमंत्री और अन्य के खिलाफ पीएमएलए की संबंधित धाराएं लगाई हैं।
मुख्यमंत्री ने मुडा मामले में अपने इस्तीफे की संभावना से भी इनकार किया। उन्होंने कहा, मैं विवेक से काम करता हूं। इसलिए मुझे इस्तीफा देने की कोई जरूरत नहीं है।