मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने मंगलवार को महाराष्ट्र के अपने समकक्ष देवेंद्र फडणवीस से उत्तर कर्नाटक में पेयजल की जरूरतों को पूरा करने के लिए वामा, कोयना बांध से कृष्णा नदी और उज्जनी बांध से भीमा नदी में पानी छोड़ने का अनुरोध किया।
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने मंगलवार को महाराष्ट्र के अपने समकक्ष देवेंद्र फडणवीस से उत्तर कर्नाटक में पेयजल की जरूरतों को पूरा करने के लिए वामा, कोयना बांध से कृष्णा नदी और उज्जनी बांध से भीमा नदी में पानी छोड़ने का अनुरोध किया।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि उत्तर कर्नाटक के बेलगावी, विजयपुर, बागलकोट, कलबुर्गी, यादगिर और रायचूर जिले मार्च 2025 की शुरुआत से ही पेयजल की गंभीर कमी का सामना कर रहे हैं।
पूर्व अवसरों पर गर्मियों के मौसम में महाराष्ट्र सरकार के समर्थन को स्वीकार करते हुए उन्होंने अतीत में भी कृष्णा नदी में पानी छोड़ने के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया देने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया, ताकि मनुष्यों और पशुओं की पेयजल जरूरतों को पूरा किया जा सके।
सिद्धरामय्या ने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान में बढ़ते तापमान के कारण स्थिति और भी गंभीर होती जा रही है और हिप्परगी बैराज तथा अन्य स्थानीय जलाशयों में मौजूदा भंडारण स्तर 2025 में मानसून के मौसम की शुरुआत तक कृष्णा बेसिन क्षेत्रों के उत्तरी कर्नाटक के जिलों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है।
उन्होंने कहा, उपर्युक्त के मद्देनजर, मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप संबंधित अधिकारियों को वार्ना, कोयना बांध से कृष्णा नदी में कम से कम 2.00 टीएमसी पानी और उज्जिनी बांध से भीमा नदी में 1.00 टीएमसी पानी छोड़ने का निर्देश दें, ताकि कर्नाटक के उत्तरी जिलों के लोगों और पशुओं दोनों की तत्काल पेयजल जरूरतों को पूरा किया जा सके।