साध्वी मंजूरेखा ने कहा कि धर्म की आराधना करने वाला आत्म कल्याण की और अनवरत गतिमान रहता है।
बेंगलूरु. तेरापंथ सभा बेंगलूरु के तत्वावधान में साध्वी कंचनप्रभा आदि ठाणा 5 के सान्निध्य में तेरापंथ भवन, गांधीनगर में आध्यात्मिक उपासना कार्यक्रम शुरू हुआ।
भक्तामर स्तोत्र का एक स्वर के साथ संगान किया गया। इस अवसर पर साध्वी ने कहा कि धर्म की शरण हर व्यक्ति के लिए मंगल है। मंत्र-जप की अपनी मूल्यवक्ता है।
प्रतिदिन मंत्रों का जप करने से बुद्धि निर्मल होती हे। अपने जीवन में संयम, तप व जप को प्रतिष्ठित करें। साध्वी मंजूरेखा ने कहा कि धर्म की आराधना करने वाला आत्म कल्याण की और अनवरत गतिमान रहता है।
ज्ञान, दर्शन व चारित्र की आराधना में पल-पल सजग रहें। दो चरण में मंगलपाठ श्रवण में हजारों लोग संभागी बने। साध्वी उदितप्रभा, निर्भयप्रभा व चेलनाश्री ने भी आध्यात्मिक आशीर्वाद प्रदान किया।
स्वागत प्रकाश लोढ़ा ने किया। बहादुर सेठिया, दीपचंद नाहर आदि मौजूद रहे।
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सर्व राजस्थानी समाज ने की लक्ष्मी पूजा
मैसूरु. सर्व राजस्थानी समाज के व्यापारियों की ओर से दीपावली पर प्रतिष्ठानों व घरों में शुभ मुहूत्र्त में लक्ष्मी की पूजा की गई। रंगबिरंगी बल्ब की रोशनी से दुकानों को सजाया गया। शाम को राजस्थानी महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहन कर दुकानों में पगल्ये किए।