प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर पहले राष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन
बेंगलूरु. बीमा नियामक और विकास निगम (आइआरडरीए) के अध्यक्ष सुभाषचंद्र खूंटिया ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों के लिए शिकायत सुनवाई तंत्र को मजबूती प्रदान करने की आवश्यकता पर बल दिया है।
वे शुक्रवार को यहां प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पर पहले राष्ट्रीय समीक्षा सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र देश की 50 फीसदी श्रमशक्ति को रोजगार प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि बीमा कंपनियों को इस योजना से जुड़े किसानों की शिकायतों को दूर करने के लिए कारगर शिकायत सुनवाई तंत्र की स्थापना करनी होगी। इन कंपनियों को किसानों की शिकायतों की अविलंब सुनवाई के लिए कॉल सेन्टरों की स्थापना करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस योजना के बारे में लघु व सीमांत किसानों मं जागरुकता उत्पन्न करने के लिए बीमा कंपनियों, राज्य सरकारों व बैंकों को जमीनी स्तर पर स्टाफ नियुक्त करना चाहिए। इससे किसानों को इस योजना का पूरा लाभ उठाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने बीमा कंपनियों से सही व पारदर्शी तरीके से फसल कटाई प्रयोग करने और फसल बीमा के दावों का त्वरित निपटारा करने का अनुरोध किया।
केन्द्र व राज्य सरकारों को इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए मिलकर काम करना होगा और विपरीत मौसमी हालात में किसानों को फसलों के बारे में समुचित सलाह दी जानी चाहिए ताकि किसानों का जोखिम व नुकसान कम से कम हो।
राज्य के कृषि सचिव महेश्वर राव ने कहा कि बीमा कंपनियों को प्रत्येक जिले में कम से कए अपना एक आदमी नियुक्त करना चाहिए ताकि किसान बीमा कंपनियों तक आसानी से पहुंच सके और अपनी समस्याओं को दूर करवा सके।