
बेंगलूरु. छात्रा से दुष्कर्म और हत्या के विरोध में मंगलवार को बीदर जिला बंद बुलाया गया। भीड़ के धरना देने के अवसर पर अव्यवस्था बढ़ते देख पुलिस ने लाठी चलानी पड़ी। जिसके कारण हिंसा भडक़ उठी, पथराव और लाठी चार्ज में सांसद भगवंत खूबा, पुलिस अधीक्षक देवराज, पांच पुलिस कर्मचारी समेत २५ से अधिक लोग जख्मी हो गए, उनमें तीन की स्थिति चिंताजनक बताई गई है।
पुलिस महा निरीक्षक (उत्तर क्षेत्र) एस. मुरुगन ने बताया कि मंगलवार को छात्रा की हत्या के विरोध में विभिन्न संगठनों ने बन्द रखने की घोषणा की थी। सुरक्षा के लिए कलबुर्गी के पुलिस अधीक्षक शिवकुमार और अन्य पुलिस कर्मचारियों को बुलाया गयाथा। विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को धरना देने के लिए एक जगह पर मंजूरी दी गई थी।
कार्यकर्ताओं ने उल्लंघन करते हुए डॉ. बीआर अम्बेडक़र सर्कल पहुंच गए थे। वहां पुलिस पर अचानक पथराव किया गया। जिससे दो पुलिस कर्मचारी के सिर को गहरी चोट लगी। पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए लाठी चार्ज करनी पड़ी।
कार्यकर्ताओं ने पुलिस और अन्य वाहनों पर पथराव किया। लाठी चार्ज और पथराव में सांसद भगवंत खूबा, पुलिस अधीक्षक शिवकुमार, पांच पुलिस कर्मचारी समेत २५ से अधिक लोग जख्मी होगए। उन्होंने कहा कि भाल्की, औरद, हुमनाबाद और बसवकल्याण में भी बंद रखा गया। इन तहसीलों मे कौई अप्रिय घटना नहीं हुई। चारों तहसीलों में पुलिस का व्यापक बन्दोबस्त किया गया था।
विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने छात्रा की हत्या किए आरोपी शम्सुद्दीन को फांसी की सजा देने, छात्रा के परिवार को २५ लाख का मुआवजा देने, परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी देने, आवासीय योजना के तहत आवास की सुविधा उपलब्ध कराने तथा अन्य मांगों को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन दिया गया। जिले में तीन दिन तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी।
दूसरी ओर, जिले के प्रभारी मंत्री ईश्वर खंड्रे ने पीडि़ता के परिजनों से मिलकर उन्हें अनुग्रह राशि का चेक सौंपा और सांत्वना प्रदान की।