
जेल में मोबाइल मामले के बाद प्रज्वल रेवन्ना की बैरक बदली गई। (फोटो सोर्स-ANI)
Prajwal Revanna:बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना का मामला अब सिर्फ मोबाइल मिलने तक सीमित नहीं है। जेल में उनके पास से फोन बरामद होने के बाद एक कथित वीडियो भी सामने आया, जिसमें उन्हें मोबाइल पर बात करते देखा जा रहा है। इसके बाद जेल प्रशासन ने उनकी बैरक भी बदल दी है। अब पूरे मामले को लेकर जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल, केंद्रीय अपराध शाखा यानी CCB ने जेल में छापेमारी की थी। इस दौरान रेवन्ना के कमरे से एक Redmi 5G मोबाइल फोन मिला। फोन में WhatsApp, Instagram, Netflix और Amazon Prime Video जैसे ऐप मौजूद थे। फोन के साथ चार्जर, एक छोटी नोटबुक और पेन ड्राइव भी मिली थी।
जिस कमरे से फोन मिला, वहां प्रज्वल रेवन्ना के साथ विचाराधीन कैदी प्रताप राय भी रहता था। तलाशी के दौरान प्रताप राय ने दावा किया कि मोबाइल, चार्जर और पेन ड्राइव उसी के हैं। उसका कहना था कि वह फोन से अपने परिवार के लोगों और वकील से बात करता था।
वहीं रेवन्ना ने भी माना कि उसने इस फोन से अपने रिश्तेदारों और वकील से बात की थी। दोनों ने यह भी कहा कि फोन में मौजूद ऐप्स के पासवर्ड की जानकारी उन्हें नहीं है।
CCB ने फोन समेत बाकी सामान जब्त कर लिया है। मामले में दोनों कैदियों के खिलाफ जेल में बिना अनुमति प्रतिबंधित सामान रखने और इस्तेमाल करने को लेकर केस दर्ज किया गया है।
मोबाइल मिलने के बाद मामला तब और चर्चा में आ गया, जब जेल के अंदर का एक कथित वीडियो सामने आया। इसमें रेवन्ना को मोबाइल फोन पर बात करते हुए देखा गया। वीडियो के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठा कि आखिर हाई-सिक्योरिटी जेल में मोबाइल उनके पास कैसे पहुंचा और क्या इसका इस्तेमाल लंबे समय से हो रहा था।
जेल अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। CCTV फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि फोन के जेल के अंदर पहुंचने और उसके इस्तेमाल से जुड़ी पूरी जानकारी सामने आ सके।
मोबाइल विवाद के बाद रेवन्ना को VIP सेक्शन से हटाकर सामान्य बैरक में भेज दिया गया है। यानी अब उन्हें पहले जैसी अलग व्यवस्था नहीं मिलेगी। इस फैसले के बाद जेल प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है।
मामले में एक सहायक जेल अधीक्षक को निलंबित किया गया है, जबकि जेल अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा है कि राज्य की दूसरी जेलों में भी तलाशी अभियान चलाया जाएगा। उनका कहना है कि अगर किसी अधिकारी की मिलीभगत या किसी तरह की आपराधिक गतिविधि में भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच का अहम सवाल यही है कि मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचा, किसने पहुंचाया और रेवन्ना ने इसका इस्तेमाल कब से किया। इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही साफ होगा कि इस पूरे मामले में आगे किस पर कार्रवाई होती है।
Updated on:
13 Aug 2026 11:12 am
Published on:
13 Aug 2026 11:12 am
