कभी निराश ना हों, सफलता जरूर मिलेगी
बेंगलूरु. इंडियन कॉमर्स एसोसिएशन और उत्तमचंद चोरडिय़ा चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से शनिवार को एसएसबीएस जैन संघ गणेशबाग में टैलेंट सर्च अवार्ड (कॉमेक्स) वितरण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में 11 विजेताओं को प्रमाण पत्र, नकद पुरस्कार, स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। मुख्य अतिथि सुरेश राघवेन्द्र, दक्षिण भारतीय हायर पर्चेज एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन बी. उगमराज मूथा, कैलाशमल दुगड़, प्रोफेसर नरेन्द्र कुमार व वेंकटेश्वरलु, उमराव कंवर ने सेंट जोसेफ कॉलेज के शाहुल युनूस वी., आकाश लियोन ए., कोयम्बत्तूर की दिव्या भारती ए., बेंगलूरु की शिल्पा, बनहट्टी की किरण कुलागोड, बेंगलूरु की जाह्नवी के., हेमा आर.टी., अश्विनी रंजनगी, नव्या बीएस. स्वाति एस व कोयम्बत्तूूर की बबीगा पी. को पुरस्कृत किया गया। तीन पूर्व शिक्षाविदों को भी लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से नवाजा गया।
इस अवसर पर ज्ञानमुनि ने विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रतिदिन 10 मिनट तक भगवान की प्रार्थना जरूर करनी चाहिए। भगवान से हम प्रार्थना करें कि हम स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें, जिन प्रभु की कृपा से हम शिक्षा में आगे बढ़ रहे हैं। वह हम पर रहे। इससे विद्यार्थियों का आत्म विश्वास बढ़ेगा। प्रार्थना के बाद ही अपना अन्य कार्य करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को तीन सूत्र दिए। इसमें विद्यार्जन, अर्थाजन व पुण्यार्जन शामिल हैं। शिक्षा पाने का समय है। इसका सदुपयोग करें। उन्होंने समाज में बढ़ रहे सुसाइड के बारे में कहा कि जिंदगी में कभी सुसाइड का शब्द नजदीक नहीं आने दें। हताश नहीं हों, निराश कभी नहीं हो, चलते रहे सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि 'काट लेना हर कठिन, मंजिल जरा मुश्किल नहीं,इक जरा इंसान में चलने की आदत चाहिएÓ। चलते रहेंगे, बढ़ते रहेंगे और बढऩे के बाद शिक्षा पाकर एक मन में एक संकल्प और करें कि मेरी ऊर्जा, मेरा श्रम, मेरी शक्ति मेरे देश के लिए लगे। इस अवसर पर रणजीतमल चोरडिय़ा, उत्तमचंद चोरडिय़ा व लोकेश मुनि भी समारोह मेें उपस्थित थे।