बैंगलोर

सरकारी जमीन पर घर बनाने वालों को मिलेंगे अधिकार पत्र

28 जनवरी को मुख्यमंत्री सौंपेंगे दस्तावेज तय नियमों के तहत बेंगलूरु शहरी व ग्रामीण जिले के 10 हजार लोग होंगे लाभान्वित

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Jan 24, 2020
सरकारी जमीन पर घर बनाने वालों को मिलेंगे अधिकार पत्र

बेंगलूरु. राजस्व मंत्री आर. अशोक ने कहा कि सरकारी भूमि पर मकान बनाने वाले लाभार्थियों को स्थायी तौर पर रहने की सुविधा देने के लिए 28 जनवरी को अधिकार पत्र प्रदान किए जाएंगे। बसवनगुड़ी के नेशनल कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बेंगलूरु शहरी व ग्रामीण जिले के 10 हजार लाभार्थियों को अधिकार पत्र वितरित किए जाएंगे।

अशोक ने गुरुवार को कहा कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा के अलावा दोनों जिलों के जनप्रतिनिधि भाग लेंगे। इस दौरान 1 जनवरी 2011 से पहले राजस्व भूमि पर 20 गुणा 30 व 30 गुणा 40 फीट के भूखंड पर मकान बनाने वालों को ही अधिकार पत्र वितरित किए जाएंगे। लाभार्थियों को कार्यक्रम स्थल पर लाने के लिए वाहन, भोजन आदि की व्यवस्था की गई है।

अधिकार पत्र वितरित करने के लिए तालुक वार विशेष काउंटर लगाए जाएंगे। बेंगलूरु शहर में 20 गुणा 30 के भूंखंड पर मकान बनवाने वाले अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) वर्ग व विकलांगों से 2500 रुपए व सामान्य वर्ग के लाभार्थियों से 5 हजार रुपए शुल्क लिया जाएगा। इसी तरह बेंगलूरु ग्रामीण जिले में भूखंड रखने वाले एससी-एसटी व विकलांगों से 500 रुपए व सामान्य वर्ग से 1000 रुपए शुल्क लेकर अधिकार पत्र दिए जाएंगे। लाभार्थियों के चयन के लिए अधिकारियों ने कई स्तर पर सर्वे किया है। आधार कार्ड, राशन कार्ड तथा बिजली के बिल देखकर ही उनका चयन किया गया है। मंत्री ने कहा कि कर्नाटक राजस्व अधिनियम की धारा 94-सी व 94-सीसी के तहत ही भूखंड विहीन गरीबों को भूूखंड देने का नियम है और उसी के अनुरूप अधिकार पत्र दिए जा रहे हैं। मंत्री ने कहा कि राजस्व भूखंडों के नियमन के लिए राज्य भर से कुल 2 लाख 53 हजार 72 आवेदन मिले, इनमें से 1 लाख 47 हजार 465 खारिज हो गए। 45,546 आवेदन विचाराधीन हैं। उडुपी व दक्षिण कन्नड़ जिलों में अधिकार पत्रों का पहले ही वितरिण किया जा चुका है और आने वाले दिनों में कलबुर्गी सहित राज्य के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से अधिकार पत्र दिए जाएंगे।

अतिक्रमण मुक्त जमीन के उपयोग पर समिति का गठन
मंत्री ने कहा बेंगलूरु शहर व आस पास के इलाकों में अवैध कब्जों से मुक्त करवाई गई सरकारी जमीन का किस तरह इस्तेमाल किया जाए, इसके अध्ययन के लिए केजी बोपय्या की अध्यक्षता में समिति का गठन कर लिया गया है। विधायक राजीव गौड़ा नायक, एसआर विश्वनाथ, अरगा ज्ञानेन्द्र तथा राजशेखर पाटिल हुमनाबाद समिति के अन्य सदस्य हैं। एटी रामास्वामी की रिपोर्ट के अनुसार सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त किया गया है। अब नव गठित समिति भूमि के इस्तेमाल व न्यायालय में लंबति मामलों के निपटारे के संबंध में राय देगी। मंत्री ने कहा कि बागवानी विभाग की नर्सरी, श्मशान घाट, अस्पताल, कृषि विश्वविद्यालय, फायरिंग रेंज, आंबेडकर व कित्तूर रानी चेन्नमा आवासीय विद्यालयों, पुलिस प्रशिक्षण केन्द्रों, दुग्ध महासंघों सहित अन्य जरूरतों के लिए राजस्व विभाग ने राज्य में 1190.15 एकड़ भूमि मंजूर की है।

Published on:
24 Jan 2020 06:23 pm
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