बैंगलोर

देश के कई महानगरों से बेहतर है गार्डन सिटी की हवा

सीएसई के विश्लेषण में खुलासा
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बेंगलूरु. एक ओर जहां देश के कई महानगर वायु गुणवत्ता को सुधारने पर एड़ी-चोटी का जोर लगाने के बावजूद कोई खास सफलता नहीं पा रहे हैं वहीं हाल ही वायु प्रदूषण के एक अध्ययन ने बेंगलूरु के लिए अच्छी खबर दी है। गार्डन सिटी वर्ष 2020 में हुए लॉकडाउन के दौरान वायु गुणवत्ता के जिस स्तर पर पहुंची थी, उसे लगभग बरकरार रखा गया है।

विज्ञान और पर्यावरण केंद्र (सीएसई), नई दिल्ली की ओर से जारी विश्लेषण में कहा गया है कि बेंगलूरु के लिए वर्ष 2021 में वायु गुणवत्ता की दृष्टि से अच्छे दिनों की संख्या 208 थी। आंकड़े बताते हैं कि 2020 में लॉकडाउन के दौरान यह संख्या 214 दिनों की तुलना में मामूली रूप से कम है।

सबसे प्रदूषित और सबसे साफ-सुथरे इलाके

दिलचस्प बात यह है कि शहर के भीतर आवासीय इलाका बापूजी नगर प्रदूषण की दृष्टि से सबसे ज्यादा प्रभावित था। यहां दिसंबर माह की औसत रिकॉर्डिंग 76 यूजी/एम3 पाई गई जबकि औद्योगिक केंद्र होने के बावजूद पीन्या दिसंबर 2021 के लिए 36 यूजी/एम3 मासिक औसत के साथ सबसे कम प्रदूषित हवा वाला क्षेत्र रहा।

कचरा जलाने से उत्सर्जन के कारण वायु प्रदूषण

सीएसई में अर्बन डेटा एनालिटिक्स लैब के प्रोग्राम मैनेजर अविकल सोमवंशी के अनुसार बापूजी नगर जैसे क्षेत्रों में वाहनों के यातायात और घरेलू कचरा जलाने से उत्सर्जन के कारण वायु प्रदूषण बढ़ जाता है, जबकि पीन्या में बेहतर विनियमन और निगरानी ने प्रदूषण कम करने में मदद की। वे कहते हैं कि वास्तव में, औद्योगिक केंद्रों की तुलना में बीटीएम-लेआउट और जयनगर में एक्यूआई बदतर है।
विश्लेषण में बेंगलूरु के दस निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन (सीएएक्यूएमएस) शामिल हैं, जिनमें से दो स्टेशनों - सिटी रेलवे स्टेशन और सेनेगुरवाहल्ली से 2021 (जून से दिसंबर) की दूसरी छमाही के लिए डेटा उपलब्ध नहीं था।

कर्नाटक के अन्य जिलों में बागलकोट, बीदर, चामराजनगर, चिक्कबल्लापुर, चिकमगलूरु, दावणगेरे, गदग, हासन, हुब्बल्ली, कलबुरगी, कोलार, कोप्पल, मडिकेरी, मेंगलूरु, मैसूरु, रायचूर, रामनगर, शिवमोग्गा, उडुपी, विजयपुरा और यादगीर में एक-एक स्टेशन भी इसमें शामिल किया गया।

गदग और कलबुरगी में भारी वायु प्रदूषण

गदग और कलबुरगी में भारी वायु प्रदूषण पाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन शहरों में एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी को पार कर सकता है लेकिन यहां पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं है।
सर्दियों में सबसे खराब साप्ताहिक प्रदूषण के दौरान गदग ने साप्ताहिक औसत 192 यूजी/एम3 दर्ज किया जो इसके वार्षिक औसत का लगभग पांच गुना है। वहीं दिसंबर के मध्य में कलबुरगी ने 104 यूजी/एम3 दर्ज किया। वहीं एनओ2 कॉन्सेंस में कलबुर्गी ने मासिक एनओ2 स्तरों में 5.8 गुना उछाल दर्ज किया। वहीं हुब्बल्ली ने नवंबर, अक्टूबर और सितंबर के महीनों की तुलना में 3.3 गुना अधिक बढ़ोतरी दर्ज की।
रिपोर्ट के अनुसार हवा में सतही ओजोन (ओ3) की मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कलबुर्गी में 93 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और उडुपी में 81 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर।

तत्काल कार्रवाई जरूरी
सीएसई के अनुसंधान कार्यकारी निदेशक अनुमिता रॉय चौधरी के अनुसार साल भर स्वच्छ वायु मानकों को पूरा करने के लिए सभी राज्यों में घरों में वाहनों, उद्योग, बिजली संयंत्रों, अपशिष्ट जलाने, निर्माण और ठोस ईंधन के उपयोग से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सभी क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।

Published on:
24 Jan 2022 05:22 pm