
Joshimath Helicopter Crash: उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार को हुए हेलिकॉप्टर हादसे ने छह परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। बद्रीनाथ से देहरादून जा रहा हेलिकॉप्टर जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई। हेलिकॉप्टर में सवार पांच यात्री कर्नाटक के बेंगलुरु के रहने वाले थे और चारधाम यात्रा पर उत्तराखंड आए थे।
इस हादसे में जान गंवाने वालों में बेंगलुरु पुलिस के इंस्पेक्टर (PI) अरुण सालुंके (44) भी शामिल थे। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद उनके परिवार, सहकर्मियों और दोस्तों में मातम पसरा है। इस हादसे से जुड़ी एक दिल छू लेने वाली बात भी पता चली है। महज दो महीने पहले अरुण सालुंके ने अपने एक करीबी पुलिसकर्मी दोस्त को खो दिया था। तब उन्होंने सोशल मीडिया पर दोस्त को भावुक श्रद्धांजलि दी थी। उस समय उन्होंने पोस्ट में लिखा था, 'भाई, बहुत जल्दी चले गए यार।' लेकिन किसे पता था कि कुछ ही समय बाद वह खुद भी दुनिया को अलविदा कह देंगे। अब उनकी मौत से परिवार और दोस्तों में शोक की लहर है।
अरुण सालुंके के एक सहकर्मी का पिछले महीने निधन हो गया था। वह सेंट्रल क्राइम ब्रांच में कार्यरत थे। अपने दोस्त के निधन से दुखी सालुंके ने 28 अगस्त को इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा की थी।
उन्होंने अपने दोस्त को याद करते हुए लिखा था, 'भाई, बहुत जल्दी चले गए।' अब महज दो महीने बाद हेलिकॉप्टर हादसे में अरुण सालुंके की भी मौत हो गई। एक ही पुलिस मित्र मंडली के दो दोस्तों का इतने कम अंतराल में दुनिया से चले जाना उनके परिचितों के लिए बेहद दुखद है।
जानकारी के मुताबिक, अरुण सालुंके अपने चार दोस्तों के साथ चारधाम यात्रा पर उत्तराखंड गए थे। पांचों दोस्त करीब तीन दिन पहले यात्रा के लिए रवाना हुए थे। शुक्रवार शाम तक सभी के बेंगलुरु स्थित अपने घर पहुंचने की उम्मीद थी। परिवार के लोग उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन इसी बीच हेलिकॉप्टर दुर्घटना की खबर आ गई।
बताया जा रहा है कि हादसे से कुछ घंटे पहले पांच दोस्तों में से एक ने अपने बचपन के दोस्त से फोन पर बात की थी। उसने बताया था कि वे हेलिकॉप्टर में बैठ चुके हैं और मौसम उड़ान के अनुकूल होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने परिवारों को झकझोर कर रख दिया।
अरुण सालुंके 2007 बैच के पुलिस अधिकारी थे। उनका मूल गांव कर्नाटक के बेलगावी जिले की अथणी तालुका में स्थित अराटल है। उन्होंने बेंगलुरु के एमएस रमैया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस सेवा में प्रवेश किया।
अपने करियर के दौरान उन्होंने हलासुरु पुलिस स्टेशन और सीआईडी में भी सेवाएं दीं। बाद में वह बेंगलुरु पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच में कार्यरत रहे।
अरुण सालुंके पिछले तीन वर्षों से बेंगलुरु में किराये के मकान में रह रहे थे। उनके मकान मालिक दासप्पा ने भी उन्हें याद करते हुए बताया कि वह बेहद मिलनसार व्यक्ति थे और सभी के साथ अच्छे संबंध रखते थे।
दासप्पा के मुताबिक, अरुण सभी के साथ घुल-मिलकर रहते थे। एक इंसान के तौर पर वह बहुत अच्छे थे। उनके व्यवहार के कारण आसपास के लोगों के साथ भी उनके अच्छे संबंध बन गए थे।