
Bengaluru News: कर्नाटक में बीजेपी और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग अब सड़कों पर दिखाई देने लगी है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र के एक बयान को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और उनके बेटे विजयेंद्र के आवास के बाहर पोस्टर चिपकाकर नाराजगी जताई। कांग्रेस की मांग है कि विजयेंद्र अपना बयान वापस लें और सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वारयल वीडियो में कांग्रेस कार्यकर्ता दोनों नेताओं के आवास के बाहर पोस्टर लगाते दिखाई दे रहे हैं। इस प्रदर्शन के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं ने विजयेंद्र के बयान पर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस का आरोप है कि उन्होंने पार्टी नेताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की है। इसी को लेकर कार्यकर्ता उनसे माफी की मांग कर रहे हैं।
दरअसल, विवाद की शुरुआत विजयेंद्र के उस बयान से हुई, जो उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए दिया था। 2 नवंबर को दावणगेरे में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेताओं के लिए कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा में आया।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए विजयेंद्र से तीन दिन के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर कांग्रेस कार्यकर्ता राज्यभर में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मामले में अपना विरोध जताने के लिए विजयेंद्र के साथ उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के आवास को भी चुना। दोनों नेताओं के घरों के बाहर पोस्टर लगाकर कार्यकर्ताओं ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से माफी मांगने की मांग उठाई। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया है।
येदियुरप्पा कर्नाटक की राजनीति के वरिष्ठ बीजेपी नेताओं में शामिल रहे हैं। वहीं, उनके बेटे विजयेंद्र फिलहाल प्रदेश में पार्टी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ऐसे में दोनों के आवास के बाहर हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है।
कांग्रेस की ओर से इस मामले को केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रखा गया है। बीके हरिप्रसाद ने साफ कहा है कि विजयेंद्र को अपने शब्द वापस लेते हुए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर इस्तेमाल की जाने वाली भाषा की भी एक सीमा होनी चाहिए।
फिलहाल कर्नाटक में पहले से ही कांग्रेस और बीजेपी के बीच कई मुद्दों पर खींचतान चल रही है। अब विजयेंद्र के बयान और उसके बाद हुए इस प्रदर्शन ने दोनों दलों के बीच नई बहस छेड़ दी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि विजयेंद्र माफी मांगते हैं या कांग्रेस अपने विरोध को और आगे बढ़ाती है।